पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण एलपीजी (LPG) आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार एक राष्ट्रीय केंद्रीकृत पोर्टल शुरू करने पर विचार कर रही है, जहां उपभोक्ता सीधे PNG कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
फिलहाल लोगों को अपने क्षेत्र में सेवा देने वाली सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनी के पास सीधे आवेदन करना पड़ता है। प्रस्तावित पोर्टल के जरिए उपभोक्ता एक ही प्लेटफॉर्म पर आवेदन कर सकेंगे, जिसे संबंधित गैस कंपनी को तय समयसीमा के भीतर निपटाना होगा।
ऑनलाइन उपलब्ध हो सकते हैं गैस पाइपलाइन मैप
प्रस्ताव में गैस ग्रिड के नक्शों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की भी योजना शामिल है। इससे उपभोक्ताओं को यह पता लगाने में आसानी होगी कि उनके घर या व्यावसायिक प्रतिष्ठान के पास PNG पाइपलाइन उपलब्ध है या नहीं, हालांकि प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों के विस्तृत नक्शों को सार्वजनिक करने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी सामने आई हैं। इसलिए इस पहल पर अभी विचार-विमर्श जारी है।
सरकार को मिलेगी रियल-टाइम निगरानी की सुविधा
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीकृत पोर्टल से सरकार को विभिन्न CGD कंपनियों की कार्यप्रणाली पर लगभग रियल-टाइम निगरानी रखने में मदद मिलेगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि उपभोक्ताओं के आवेदन कितनी तेजी से निपटाए जा रहे हैं और कंपनियां निर्धारित समयसीमा का पालन कर रही हैं या नहीं।
LPG से PNG की ओर उपभोक्ताओं को शिफ्ट करने की योजना
सरकार का यह कदम उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनके तहत घरेलू और कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में आपूर्ति बाधित होने के कारण LPG क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।
भारत अपनी कुल LPG जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इसमें से करीब 90 प्रतिशत आयात पश्चिम एशिया से होता है। वहीं प्राकृतिक गैस के मामले में आयात पर निर्भरता लगभग 50 प्रतिशत है, जिससे इसकी स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर मानी जा रही है।
सरकार पहले ही जारी कर चुकी है नए नियम
मार्च 2026 में सरकार ने आदेश जारी कर घरेलू उपभोक्ताओं को एक साथ LPG और PNG दोनों कनेक्शन रखने से रोक दिया था। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में PNG सुविधा उपलब्ध है, वहां LPG उपयोग करने वाले परिवारों को तीन महीने के भीतर PNG पर शिफ्ट होने का निर्देश दिया गया था। ऐसा नहीं करने पर उनका LPG कनेक्शन समाप्त किया जा सकता है। व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी PNG कनेक्शन लेने के लिए कहा गया है, बशर्ते उनके क्षेत्र में PNG नेटवर्क उपलब्ध हो और उनके उपयोग के लिए PNG उपयुक्त विकल्प हो।
LPG आपूर्ति पर दबाव कम करना लक्ष्य
सरकार का मानना है कि PNG उपलब्ध क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को LPG से PNG पर स्थानांतरित करने से LPG की बचत होगी। इसके बाद बचाई गई LPG उन क्षेत्रों में भेजी जा सकेगी जहां अभी PNG नेटवर्क मौजूद नहीं है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राज्यों से भी PNG नेटवर्क विस्तार में तेजी लाने का आग्रह किया है। कुछ मामलों में राज्यों को अतिरिक्त व्यावसायिक LPG आवंटन का प्रस्ताव भी दिया गया है।
PNG कनेक्शनों में तेजी से वृद्धि
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 से अब तक लगभग 8.6 लाख PNG कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा करीब 3 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 8.8 लाख नए उपभोक्ताओं ने PNG कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। वहीं 31 मई तक लगभग 78 हजार ऐसे उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए थे, जिनके पास पहले से PNG सुविधा उपलब्ध थी।
