Priyanka Gandhi Vadra Statement PM Modi: परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट-ट्रैक अदालतें (Fast-track Courts) गठित करने की घोषणा के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सिस्टम के भीतर कानूनी घोषणाएं करने से गुस्साए छात्रों का भरोसा वापस नहीं लौटेगा।
प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यह समय बातें करने का नहीं बल्कि असली 'नेतृत्व' दिखाने का है। उन्होंने मांग की कि सरकार को तुरंत प्रदर्शनकारी छात्रों की बात सुननी चाहिए, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए और छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
'बच्चों पर लाठियां बरसाकर X पर पोस्ट'
संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस सांसद ने सरकार के दोहरे रवैये पर सवाल खड़े किए। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के नेता हैं और अब उन्हें सही मायनों में नेतृत्व दिखाना चाहिए। छात्र सड़कों पर हैं और उनका इस लाचार सिस्टम से पूरी तरह से भरोसा उठ चुका है। यदि आप सिस्टम के भीतर ही समाधान देने की कोशिश करेंगे, तो छात्र उसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। समाधान केवल तब निकलेगा जब सरकार छात्रों की वास्तविक मांगों को स्वीकार करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री X पर पोस्ट करते हैं कि उन्हें छात्रों पर पूरा भरोसा है, लेकिन दूसरी तरफ बीती रात उन्हीं निर्दोष छात्रों पर लाठियां और आंसू गैस बरसाई जा रही थी। यदि आपको छात्रों पर भरोसा और उनकी चिंता है, तो उन्हें बुलाकर उनसे सीधे बात क्यों नहीं करते।
सरकार सुन ही नहीं रही: कांग्रेस का हमला
NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक को लेकर प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दोहराया कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना ही होगा। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों को पीटने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और प्रशासन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि हजारों बच्चे आज सड़कों पर अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन यह सरकार उनकी आवाज सुनने को बिल्कुल तैयार नहीं है।
