केंद्र सरकार में काम करने वाले या रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। अब रिटायर होने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पास अपने 'सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम' (CGHS) पेंशनर कार्ड के लिए अप्लाई करने का एक नया, आसान और बिना किसी रुकावट वाला तरीका मिल गया है। बता दें कि CGHS ऑनलाइन सिस्टम को 'भविष्य पोर्टल' से जोड़ दिया है, जिससे बिना कागज के (पेपरलेस) अप्लाई करने की प्रक्रिया संभव हो गई है। इस पहल का मुख्य मकसद कागजी काम कम करना, पारदर्शिता लाना, उलझनें दूर करना और एक ही तरह के डॉक्यूमेंट्स को बार-बार जमा करने की जरूरत को खत्म करना है। यह पहल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoH&FW) ने पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) के साथ मिलकर की है।
आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाया गया
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoH&FW) ने एक ऑफिस मेमोरेंडम के जरिए बताया कि यह कदम पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) के साथ मिलकर उठाया गया है, ताकि आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके और रिटायरमेंट के बाद CGHS हेल्थकेयर सुविधाओं का लाभ तेजी से मिल सके।
| नई सुविधा | सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए इसका मतलब |
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| कागज रहित आवेदन | अलग से भौतिक दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी |
| ऑटो-फिल आवेदन | भाविष्य पोर्टल पर सत्यापित जानकारी अपने आप आवेदन में भर जाएगी |
| PAN आधारित सत्यापन | डेटा के आदान-प्रदान के लिए PAN विशिष्ट पहचानकर्ता के रूप में काम करेगा |
| ऑनलाइन भुगतान | CGHS अंशदान का भुगतान भारतकोष के माध्यम से किया जा सकेगा |
| डिजिटल कार्ड डाउनलोड | पेंशनभोगी कार्ड CGHS और भाविष्य, दोनों पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा |
| मौजूदा व्यवस्था जारी | कर्मचारी सीधे CGHS पोर्टल के जरिए भी आवेदन कर सकेंगे |
रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए क्या बदलाव होंगे?
इंटीग्रेटेड वर्कफ्लो के तहत, 'भविष्य' पोर्टल पर पहले से मंज़र और उपलब्ध पेंशन से जुड़ी जानकारी अपने आप ले ली जाएगी ताकि CGHS पेंशनभोगी कार्ड के लिए आवेदन पहले से भरा जा सके। इससे डेटा की दोबारा एंट्री कम होने और गलतियों की गुंजाइश घटने की उम्मीद है। सरकार ने CGHS ऑनलाइन सिस्टम और 'भविष्य' पोर्टल के बीच डेटा के रियल-टाइम वेरिफिकेशन और एक्सचेंज के लिए परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) को यूनिक आइडेंटिफायर के तौर पर तय किया है।
जब ऑफिस का हेड पेंशन फॉर्म को वेरिफाई कर लेगा, पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) बन जाएगा और रिटायर होने वाला कर्मचारी तय CGHS योगदान का पेमेंट इंटीग्रेटेड 'भारतकोश' पेमेंट गेटवे के जरिए कर देगा, तो CGHS पेंशनभोगी कार्ड डिजिटल रूप से बन जाएगा। इसके बाद मंजूरी मिला CGHS पेंशनर कार्ड, CGHS पोर्टल और 'भविष्य' पोर्टल, दोनों से डाउनलोड किया जा सकता है।
मौजूदा प्रक्रिया जारी रहेगी
मंत्रालय ने साफ किया कि यह इंटीग्रेटेड सिस्टम एक अतिरिक्त सुविधा है और यह मौजूदा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जगह नहीं लेगा। रिटायर होने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार, सीधे CGHS पोर्टल के जरिए CGHS पेंशनर कार्ड के लिए आवेदन करना जारी रख सकते हैं या 'भविष्य' पोर्टल के ज़रिए नए इंटीग्रेटेड तरीके को चुन सकते हैं।
यह क्यों जरूरी है
सरकार ने कहा कि इस इंटीग्रेशन से प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होने, बार-बार डॉक्यूमेंटेशन की जरूरत खत्म होने और यह पक्का करने की उम्मीद है कि योग्य रिटायर कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद बिना किसी फ़ालतू देरी के CGHS हेल्थकेयर फायदे मिलें। मंत्रालय ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों से कहा है कि वे रिटायरमेंट के करीब पहुंच रहे कर्मचारियों को इस नई सुविधा के बारे में जानकारी दें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे अपनाएं।
