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PIB Fact Check: फ्री कुकिंग स्टोव योजना, महिलाओं को मुफ्त में मिल रहा सोलर चूल्हा? जानें इस दावे की हकीकत

सोशल मीडिया पर एक मैसेज में दावा किया जा रहा है कि मोदी सरकार महिलाओं को फ्री में सोलर स्टोव देगी। मगर सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे को फर्जी बताया है।

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फ्री सोलर स्टोव मिलने का क्लेम है फेक

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • फ्री सोलर स्टोव योजना के नाम से वायरल हो रहा मैसेज
  • मोदी सरकार के महिलाओं को स्टोव देने का क्लेम
  • PIB Fact Check ने दावे को बताया फेक

PIB Fact Check Free Cooking Stove Scheme: सोशल मीडिया पर एक मैसेज काफी चल रहा है, जिसमें किए गए दावे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सभी महिलाओं को मुफ्त सोलर स्टोव देगी। मैसेज में स्टोव पर 10 साल की गारंटी मिलने की भी बात कही गई है। मैसेज में मौजूद तस्वीर के अनुसार सरकार ने यह फैसला फ्री कुकिंग स्टोव योजना के तहत लिया है। मगर क्या सच में सरकार फ्री में सोलर स्टोव देने जा रही है? आगे जानिए इस वायरल दावे की सच्चाई।

नहीं है फ्री स्टोव योजना जैसी कोई योजना

सरकार अगर कोई स्कीम लॉन्च करती है या किसी पुरानी योजना में बदलाव करती है, तो उसकी जानकारी खुद देती है। पर फ्री स्टोव योजना के बारे में किसी भी तरह की कोई जानकारी सरकार की तरफ से जारी नहीं की गई है।

फेक निकला फ्री स्टोव का दावा

सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने ट्विटर हैंडल पर फ्री स्टोव मिलने के दावे को खारिज कर दिया है। एजेंसी के मुताबिक यह दावा फर्जी है। इसने यह क्लियर किया कि केंद्र सरकार की तरफ से ऐसी कोई भी योजना नहीं चलाई जा रही है।

ट्वीट के जरिए लोगों को किया अलर्ट

फैक्ट चेक एजेंसी ने ट्वीट किया है जिसके मुताबिक किया जा रहा है कि फ्री कुकिंग स्टोव योजना के तहत, सरकार 10 साल की गारंटी के साथ सभी महिलाओं को मुफ्त सोलर स्टोव देगी। जबकि ये दावा फर्जी है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है।

आप भी रहें सावधान

ट्वीट में स्टोव पर 10 साल की गारंटी मिलने की वाली बात को भी सिरे से खारिज कर दिया गया है। आप भी इस बात का ध्यान रखें कि यदि आपको मोबाइल, सोशल मीडिया या ई-मेल पर इस तरह की कोई भ्रामक जानकारी मिले तो आप उस पर ध्यान न दें। यदि उस मैसेज में कोई लिंक हो तो उसे बिल्कुल भी क्लिक न करें। ऐसा करने पर आप साइबर फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं।

इसी तरह की कई अन्य फर्जी योजनाओं से जुड़े मैसेज अकसर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं। ऐसे मैसेज से सावधान रहें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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