NPCI Paytm: फिनटेक कंपनी पेटीएम को नेशनल पेमेंट्स कॉर्प ऑफ इंडिया (NPCI) से थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर लाइसेंस की मंजूरी मिलने की संभावना है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल पेमेंट फर्म को 15 मार्च तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस लाइसेंस के मिलने के बाद पेटीएम अपनी बैंकिंग सर्विस पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बंद होने के बाद भी अपने ऐप के माध्यम से ग्राहकों को बिना किसी असुविधा के भुगतान की सर्विस प्रोवाइड कर सकेगा।
15 मार्च के बाद बंद हो जाएगा ऑपरेशन
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के ऑपरेशन पर 15 मार्च के बाद से रोक लगाने का आदेश दिया है। 15 मार्च के बाद पेटीएम पेमेंट बैंक की कई सर्विस बंद हो जाएंगी। ग्राहक जमा, क्रेडिट लेनदेन, प्रीपेड सेवाएं, वॉलेट, फास्टैग, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड का इस्तेमाल 15 मार्च 2024 तक ही कर सकते हैं।
लाइसेंस मिलने के बाद क्या होगा
एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अगर पेटीएम को थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर लाइसेंस मंजूर हो जाता है, तो यूजर्स को पेटीएम ऐप से पेमेंट्स करने की सर्विस मिलती रहेगी। हालांकि, यूजर्स पेटीएम पर दूसरे बैंक के खाते से कनेक्टेड यूपीआई पेमेंट कर पाएंगे। थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो NPCI की यूपीआई पेमेंट सर्विस देते हैं। ऐसे ऐप अपनी तरफ से बैंकिंग प्रोडक्ट्स अपने प्लेटफॉर्म के जरिए नहीं बेच सकते हैं। फोनपे और गूगलपे जैसे पेमेंट ऐप थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर हैं।
आरबीआई ने क्यों लिया एक्शन
पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) के खिलाफ रिजर्व बैंक ने यह कदम व्यापक प्रणाली ऑडिट रिपोर्ट और बाहरी ऑडिटरों की अनुपालन वेरिफिकेशन रिपोर्ट के बाद उठाया है। आरबीआई ने एक बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि इन रिपोर्टों से पेमेंट बैंक में लगातार नियमों के गैर-अनुपालन और सामग्री पर्यवेक्षण से जुड़ी चिंताएं सामने आईं। इसके बाद आगे की मॉनिटरिंग कार्रवाई की जरूरत पड़ी। इसके पहले आरबीआई ने मार्च, 2022 में पीपीबीएल को तत्काल प्रभाव से नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था।
