किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 22 सितंबर 2026 को भोपाल के बरखेड़ी कलां स्थित राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र (SIET) में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 60 जिलों के करीब 300 किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाले 13 एफपीओ को सम्मानित किया गया।
मशरूम, फ्लैक्स और हल्दी उत्पादन रहा आकर्षण
सम्मेलन में एफपीओ द्वारा कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। दमोह महिला किसान उत्पादक संगठन की ओर से मशरूम उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के काम को खास तौर पर प्रस्तुत किया गया। वहीं मंदसौर एग्रो इंडस्ट्री द्वारा अलसी (फ्लैक्स) के डंठल से फाइबर तैयार करने और उसके विपणन की जानकारी दी गई। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के कोरबा की पाली एफपीओ द्वारा हल्दी के उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग का काम भी सम्मेलन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा।
किसानों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम की अध्यक्षता SIET के निदेशक एवं किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अपर संचालक डीएल कोरी ने की। सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आए किसान प्रतिनिधियों ने एफपीओ के माध्यम से किए जा रहे कार्यों और अपने अनुभव साझा किए। इसमें बेरसिया के किसान नेताओं पदम सिंह ठाकुर और अशोक पटेल के साथ मध्य भारत के अध्यक्ष पुन्नूलाल नंदा ने भी अपने विचार रखे।

मशरूम, फ्लैक्स और हल्दी उत्पादन रहा आकर्षण
300 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार लक्ष्य
सम्मेलन में वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। मध्य भारत कंसोर्टियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेश द्विवेदी ने इसे मंजूरी प्रदान की। बता दें कि मध्य भारत कंसोर्टियम एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट (गैर-लाभकारी) किसानों की संस्था हैं उसके AGM मे यह पहल हुईं हैं। इस वर्ष सभी किसान उत्पादक संगठनों के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योगेश द्विवेदी ने कहा कि आने वाले समय में किसान उत्पादक संगठनों की भूमिका राज्य और देश की जीडीपी में महत्वपूर्ण होने वाली है। एफपीओ किसानों को उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग और बाजार तक बेहतर तरीके से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
