Polymer Currency: आमतौर पर आपने करेंसी के रूप में धातु से बने सिक्के और कागज से बने नोट ही देखे होंगे। भारत की करेंसी भी धातु के सिक्के और कागज के नोट के रूप में ही चलती आ रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां पेपर से बने नोट नहीं बल्कि प्लास्टिक के नोट चलते हैं। जी हां, जिन देशों में प्लास्टिक के नोट चलते हैं उनकी संख्या बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन ठीक-ठाक ही है। हालांकि, प्लास्टिक के नोट किसी साधारण प्लास्टिक से नहीं बनाए जाते हैं। प्लास्टिक के नोट अच्छी क्वालिटी के पॉलीमर से बनाए जाते हैं। आइए जाते हैं कि किन-किन देशों में पॉलीमर से बने नोट चलते हैं।
ब्रुनेई
दक्षिण-पूर्व एशियाई देश ब्रुनेई की करेंसी का नाम ब्रुनेई डॉलर है। फर्जी नोटों से परेशान होने के बाद इस देश में प्लास्टिक के नोट की शुरुआत हुई थी।
रोमानिया
यूरोप में स्थित रोमानिया इकलौता ऐसा यूरोपीय देश है, जहां पॉलीमर से बने नोट चलन में हैं।रोमानिया ने साल 2005 में ही सभी नोटों को पॉलीमर से बनाना शुरू कर दिया था।
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने साल 1988 में प्लास्टिक के नोट बनाने शुरू कर दिए थे। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का ऐसा देश है, जिसने सबसे पहले प्लास्टिक के नोट यूज करना शुरू किया था।
न्यूजीलैंड
ऑस्ट्रेलिया के पड़ोस में बसे न्यूजीलैंड में भी प्लास्टिक के नोटों का इस्तेमाल होता है। न्यूजीलैंड ने साल 1999 में अपने सभी नोटों को प्लास्टिक से बनाना शुरू कर दिया था।
पापुआ न्यू गिनी
पापुआ न्यू गिनी एक समय पर ऑस्ट्रेलिया का गुलाम हुआ करता था। 1949 में मिली आजादी के बाद भी 1975 तक इस देश में ऑस्ट्रेलिया की ही करेंसी चलती थी। लेकिन इस देश ने 1975 में अपनी नई करेंसी कीना को पेश किया। इस देश में चलने वाले सभी नोट प्लास्टिक के बने हैं।
वियतनाम
पॉलीमर से बने नोटों का इस्तेमाल करने वाले देशों की लिस्ट में वियतनाम का नाम भी शामिल है। वियतनाम में साल 2003 में प्लास्टिक के नोटों का चलन शुरू हुआ था। वियतनाम की करेंसी डोंग अब पूरी तरह से प्लास्टिक के बने हैं।
