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अगर आप भी शेयर करते हैं Netflix, Amazon Prime के पासवर्ड, इस वजह से लगाने पड़ सकते हैं कोर्ट के चक्कर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 23, 2022, 03:20 PM IST

netflix and amazon prime password sharing rules policy in india: ओटीटी पर फिल्में और वेब सीरीज देखना तो सभी चाहते हैं लेकिन सब्सक्रिप्शन पर हर कोई पैसा नहीं खर्चना चाहते हैं। वैसे अगर आप दोस्तों के साथ नेटफ्लिक्स या प्राइम का पासवर्ड शेयर करते हैं तो ये भी सही बात नहीं है। इसकी वजह से आप लीगल ट्रबल में फंस सकते हैं। जानें कैसे और क्यों।

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अगर आप भी शेयर करते हैं Netflix, Amazon Prime के पासवर्ड, इस वजह से लगाने पड़ सकते हैं कोर्ट के चक्कर

Netflix and Amazon Prime Password Sharing Rules Policy in India: क्या आप भी नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स का पासवर्ड दोस्तों, रिश्तेदारों से शेयर करते हैं? अगर हां तो जान लीजिए कि, ये मामूली लगने वाली बात आपके लिए बहुत भारी पड़ सकती है। और सावधानी न बरतने पर आपको कोर्ट के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। हालांकि भारतीय यूजर्स के लिए अभी इस विषय में चिंता करने की कोई बात नहीं है। बता दें कि इन दिनों ये नुकसान और झटके ब्रिटेन के लोगों को झेलने पड़ रहे हैं।

दरअसल ब्रिटेन के IPO यानी इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस ने हाल ही में एक बड़ी घोषणा की है। जिसके मुताबिक किसी से भी अपने वीडियो स्ट्रीमिंग एप का पासवर्ड शेयर करना अपराध की श्रेणी में आएगा।

क्यों पासवर्ड शेयर करना है गैरकानूनी?

अब सवाल ये है कि, अकाउंट्स शेयर करना तो पब्लिक के लिहाज से बहुत आम, कॉस्ट इफेक्टिव कदम है। तो इसे क्राइम कैसे कहा जा सकता है, तो बता दें कि आईपीओ ने नेटफ्लिक्स (Netflix password sharing policy) की शर्तों का हवाला देते हुए ये बात कही है। इन शर्तों के मुताबिक ये साफ है कि यूजर्स अपने दोस्त या घर के बाहर के लोगों के साथ अपने अकाउंट का पासवर्ड साझा नहीं कर सकते हैं। क्योंकि ये मामूली से दिखने वाला कदम, कॉपीराइट लॉज का उल्लंघन करने के लिए काफी है। और ऐसे किसी कदम की पुष्टि होने पर कंपनी के पास, यूजर्स को कोर्ट तक घसीटने का पूरा अधिकार है।

मुद्दे की जड़ क्या है?

बता दें कि, आईपीओ ने अपने बयान में इस बात की भी जानकारी दी है कि, पासवर्ड शेयर करने को गैरकानूनी क्यों घोषित किया गया। दरअसल इस मुद्दे की पाइरेसी है, जिससे एंटरटेनमेंट और क्रिएटिव इंडस्ट्री को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल से किसी और का कंटेंट कॉपी करना, किसी की बिना इजाजत के कोई फोटो पोस्ट करना या क्रैक वर्जन वाली एप्स पर फिल्म, शोज या टीवी देखना गलत है। और इन्हीं वजहों से बिना सब्सक्रिप्शन के इन वीडियो स्ट्रीमिंग एप्स के इस्तेमाल को अपराध की लिस्ट में शामिल करना, पूरी तरह जायज माना गया है।

इसी के साथ फायर स्टिक की हैकिंग भी कॉपीराइट कानून का उल्लंघन माना जाता है। और इस तरह का कदम उठाने पर आपको अपराधी घोषित किया जा सकता है। और सर्विस प्रोवाइडर के पास आपको कटघरे में खड़े करने का पूरा हक है।

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