Mutual Funds Vs Recurring Deposit: पैसों को बचाने के साथ-साथ पैसों को सही जगह इन्वेस्ट करना भी बहुत ज्यादा जरूरी होता है। लेकिन अक्सर जब पैसों को इन्वेस्ट करने की बारी आती है तो हम विभिन्न विकल्पों को लेकर काफी कन्फ्यूज हो जाते हैं। हमें समझ नहीं आता कि किस तरीके में पैसे इन्वेस्ट करना सही रहेगा और हमें बेहतर रिटर्न्स के साथ जाना चाहिए या फिर पैसों की सुरक्षा के लिए कम रिटर्न्स वाले ऑप्शन को ही चुन लेना चाहिए। आज हम आपके लिए ऐसा एक कन्फ्यूजन दूर करने जा रहे हैं। अक्सर म्यूचुअल फंड्स को जबरदस्त रिटर्न्स प्रदान करने वाले एक तरीके के रूप में देखा जाता है और लोग इसकी तरफ आकर्षित होते हैं। दूसरी तरफ रेकरिंग डिपॉजिट भी है जिसे अच्छे रिटर्न्स के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित विकल्प भी माना जाता है। आइये जानते हैं म्यूचुअल फंड और रेकरिंग डिपॉजिट में से कौन सा तरीका आपके लिए ज्यादा बेहतर रहेगा।
म्यूचुअल फंड
म्यूचुअल फंड को काफी यूजर फ्रेंडली तरीका माना जाता है। म्यूचुअल फंड में आप साप्ताहिक, मासिक या फिर तिमाही के आधार पर भी इन्वेस्ट कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड अपने इन्वेस्टर्स को उनकी इन्वेस्टमेंट की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग योजनाएं प्रदान करते हैं। रिटर्न के मामले में भी म्यूचुअल फंड आपको पूरी छूट देता है और आप अपनी इन्वेस्टमेंट स्कीम के अनुसार उचित रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। जैसा आपकी स्कीम मार्केट में परफॉर्म करेगी वैसा ही रिटर्न आपको प्राप्त होगा।यह भी पढ़ें:
