यूटिलिटी

Lok Adalat: लोक अदालत का बदला नियम! अब कोर्ट जाने से पहले भरना होगा 50% जुर्माना

यदि आप भी अपनी गाड़ी का चालान भरने के लिए लोक अदालत का इंतजार करते हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। सरकार ने लोक अदालत में माफ होने वाले चालान के नियमों में बड़ा बदलाव किया है।

Image

Lok Adalat: लोक अदालत का बदला नियम, अब कोर्ट जाने से पहले भरना होगा 50% जुर्माना

अगर आपको लगता है कि ट्रैफिक चालान गलत कटा है और आप उसे कोर्ट में जाकर यानी लोक अदालत में चुनौती देकर राहत पा सकते हैं, तो अब इसके लिए नई शर्त लागू हो गई है। नई व्यवस्था के तहत वाहन चालकों को न्यायालय जाने से पहले चालान राशि का 50 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा। बिना आधी रकम जमा किए कोर्ट में चालान के खिलाफ सुनवाई की मांग नहीं की जा सकेगी।

चालान विवाद के लिए बदले नियम

सरकार ने केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 के नियम 167 में बदलाव किया है। इसके बाद ट्रैफिक चालान से जुड़ी प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त और समयबद्ध कर दिया गया है। अब वाहन चालकों को चालान कटने के बाद तय समय सीमा के अंदर ही भुगतान करना होगा या फिर उसे गलत बताते हुए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करनी होगी।

पहले देनी होगी 50 प्रतिशत चालान राशि

नई व्यवस्था के अनुसार, अगर कोई वाहन चालक चालान को स्वीकार नहीं करता है और उसे चुनौती देना चाहता है तो उसे पहले NextGen mParivahan पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी होगी। अगर ट्रैफिक पुलिस शिकायत को खारिज कर देती है और वाहन चालक इसके बाद कोर्ट जाना चाहता है, तो उसे चालान राशि की 50 प्रतिशत रकम पहले जमा करनी होगी। इसके बाद ही न्यायालय में मामले को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

45 दिन के अंदर करना होगा फैसला

चालान कटने के बाद वाहन चालक को 45 दिन के अंदर कार्रवाई करनी होगी। इस अवधि में या तो चालान का भुगतान करना होगा या फिर जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करनी होगी। अगर वाहन चालक 45 दिन तक कोई कदम नहीं उठाता है तो माना जाएगा कि उसने चालान को स्वीकार कर लिया है।

शिकायत का निपटारा 30 दिन में होगा

अगर वाहन चालक चालान के खिलाफ शिकायत दर्ज करता है तो ट्रैफिक पुलिस को 30 दिन के भीतर उस पर फैसला लेना होगा। अगर शिकायत सही पाई जाती है तो मामले का समाधान किया जाएगा, लेकिन शिकायत खारिज होने की स्थिति में कोर्ट जाने से पहले 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी।

लोक अदालत में छूट की उम्मीद पर लगा ब्रेक

पहले कई वाहन चालक चालान को लंबित रखते थे और लोक अदालत में जाकर कम रकम में इसका निपटारा कराने की कोशिश करते थे। कई मामलों में चालान राशि काफी कम हो जाती थी। अब सरकार ने इस प्रक्रिया को ऑनलाइन और सख्त बना दिया है, ताकि चालान मामलों का समय पर निपटारा हो सके और लंबित मामलों की संख्या कम की जा सके।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

और पढ़ें
End of Article