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CGHS की आ गई नई रेट लिस्ट, कमरे के किराए से लेकर ICU तक का जानें चार्ज

Latest CGHS charges: केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना की वेबसाइट के अनुसार सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को उनके परिवार (रेलवे और दिल्ली प्रशासन को छोड़कर) इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं। सीजीएचएस कार्डधारकों को नए रूम रेंट के बारे में पता होना चाहिए। इसलिए यहां देख लीजिए नई रेट लिस्ट।

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Latest CGHS charges: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) पैकेज की नई दरें जारी कर दी गई हैं। केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना की वेबसाइट के अनुसार सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को उनके परिवार (रेलवे और दिल्ली प्रशासन को छोड़कर) इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं। केंद्र सरकार के पेंशनभोगी (रेलवे और सशस्त्र बलों से संबंधित पेंशनभोगियों को छोड़कर) और उनके परिवार केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना का लाभ उठा सकते हैं। आइए जान लेते हैं स्वास्थ्य योजना की नई दरें।

CGHS लाभार्थियों के लिए कंसल्टेशन फीस

1. ओपीडी कंसल्टेशन के लिए सीजीएचएस कार्डधारकों को 350 रुपये की आवश्यकता होगी।

2. आईपीडी कंसल्टेशन के लिए सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए दर 350 रुपये निर्धारित की गई है।

CGHS लाभार्थियों के लिए आईसीयू शुल्क

आईसीयू के लिए दरें 5,400 रुपये ( प्राइलेट वार्ड के लिए 862 रुपये + 4,500 रुपये = 5,362- कुल मिलाकर 5,400 रुपये) निर्धारित की गई हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि आईसीयू शुल्क में गैर-एनएबीएच अस्पतालों के लिए 750 रुपये और एनएबीएच अस्पतालों के लिए 862 रुपये शामिल हैं। इसमें मॉनिटरिंग, आरएमओ फीस, नर्सिंग देखभाल और कमरे का किराया शामिल है। कमरे का किराया सीजीएचएस लाभार्थी के वार्ड - सामान्य वार्ड, सेमी-प्राइवेट वार्ड या प्राइवेट वार्ड की पात्रता के अनुसार होगा।

CGHS लाभार्थियों के लिए कमरे का किराया

सीजीएचएस कार्डधारकों को नए रूम रेंट के बारे में पता होना चाहिए। सामान्य वार्ड के रूम का किराया बदलकर 1,500 रुपये कर दिया गया है। सेमी-प्राइवेट वार्ड के लिए कमरे का किराया 3,000 रुपये होगा। प्राइवेट वार्ड के लिए रूम का किराया 4500 रुपये निर्धारित किया गया है।

CGHS वेलनेस सेंटर

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने CGHS वेलनेस सेंटर के लिए रेफरल प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है। पहले सीजीएचएस लाभार्थी को स्वयं सीजीएचएस वेलनेस सेंटर जाना पड़ता था और अस्पताल के लिए रेफरल लेना पड़ता था। लेकिन अब यदि सीजीएचएस लाभार्थी जाने में असमर्थ है, तो वह अपनी ओर से किसी को अपने दस्तावेजों के साथ वेलनेस सेंटर भेज सकता है।

यह बात मंत्रालय ने एक बयान में कही थी। मेडिकल ऑफिसर डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद लाभार्थी को अस्पताल जाने के लिए रेफर कर सकता है। इसके अलावा, सीजीएचएस लाभार्थी वीडियो कॉल के जरिए भी रेफरल ले सकते हैं।

TNN Business Desk
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