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खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए रेलवे का ऐलान, अब रींगस नहीं.. डायरेक्ट मंदिर पहुंचाएगी ट्रेन, पढ़ें पूरी डिटेल्स

भारतीय रेल ने राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी के मंदिर को रेल नेटवर्क से डायरेक्ट जोड़ने के लिए FLS की मंजूरी दे दी है। खाटू श्याम मंदिर, देश के सबसे व्यस्त मंदिरों में से एक है, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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मंदिर आने वाले ज्यादातर लोग ट्रेन से रींगस रेलवे स्टेशन उतरकर सवारी गाड़ी से मंदिर पहुंचते हैं

KEY HIGHLIGHTS
  • खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए आई बड़ी खबर
  • मंदिर को रेल नेटवर्क से डायरेक्ट जोड़ने की तैयारी
  • रेलवे ने FLS की दी मंजूरी

Direct Rail Services to Khatu Shyam Ji Mandir: भारतीय रेल ने खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए एक बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी के मंदिर जाने वाले यात्रियों को रींगस रेलवे स्टेशन उतरकर सवारी गाड़ी से मंदिर पहुंचने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। जी हां, आने वाले समय में खाटू श्याम जी के भक्त ट्रेन से सीधे मंदिर पहुंच जाएंगे। दरअसल, भारतीय रेल ने खाटू श्याम जी के मंदिर को रेल नेटवर्क से डायरेक्ट जोड़ने के लिए FLS (Final Location Survey) की मंजूरी दे दी है। जिससे श्याम जी के भक्त ट्रेन से सीधे मंदिर पहुंच जाएंगे।

ट्रेन के जरिए मंदिर पहुंचते हैं ज्यादातर श्रद्धालु

विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आस्था के केंद्र खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर आने वाले ज्यादातर लोग ट्रेन से रींगस रेलवे स्टेशन उतरकर सवारी गाड़ी से मंदिर पहुंचते हैं। ट्रेन के अलावा दूर-दराज से आने वाले भक्त अपनी गाड़ियों से भी मंदिर पहुंचते हैं।

वीकेंड पर रोजाना 4 से 5 लाख भक्त करते हैं दर्शन

रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आम दिनों में रोजाना करीब 30 हजार भक्त खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए मंदिर आते हैं। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को भक्तों की संख्या बढ़कर रोजाना 4 से 5 लाख तक पहुंच जाती है। इतना ही नहीं, एकादशी जैसे मौकों पर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख तक पहुंच जाती है।

15 दिन के मेले में मंदिर पहुंचते हैं 30-40 लाख भक्त

रेलवे ने बताया कि श्याम जी के मंदिर में मार्च में लगने वाले 15 दिनों के मेले में 30 से 40 लाख श्रद्धालु आते हैं. सीकर जिले में स्थित ये मंदिर उन मंदिरों में शुमार हो गया है, जहां सबसे ज्यादा श्रद्धालु आते हैं।

सर्वे का काम पूरा होने के बाद शुरू होगा आगे का काम

ट्रेन से आने वाले श्रद्धालु रींगस रेलवे स्टेशन उतरते हैं और अलग-अलग साधनों से मंदिर तक पहुंचते हैं। रींगस से खाटू श्याम जी के मंदिर तक के सफर को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे ने सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक आस्था के केंद्रों को जोड़ने की योजना के तहत रींगस से खाटू श्याम जी तक नई रेल लाइन के सर्वे को मंजूरी प्रदान कर दी है। सर्वे का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद इस नई रेल लाइन के काम को मंजूरी देकर आगे का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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