Non life Insurance Policies: भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDA) ने नॉन-लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को लेकर बड़ा बदलाव किया है। IRDA के नए बदलाव के बाद ग्राहक अब मोटर, संपत्ति और एक्सीडेंटल इंश्योरेंस पॉलिसी अपनी जरूरत के अनुसार खरीद सकेंगे। इस तरह की इंश्योरेंस पॉलिसियों को नीति शब्दावली से हटाया गया है और नए नियम लागू कर दिए गए हैं। हालांकि, थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस में किसी भी तरह का बदलाव IRDA ने नहीं किया है।
क्या हुआ है बदलाव
इंश्योरेंस के जानकारों का कहना है कि IRDA के इस फैसले से इंश्योरेंस होल्डर्स के बहुत फायदा होगा। मौजूदा नियम के अनुसार, मोटर इंश्योरेंस कवर पूरे साल के लिए मिलता है। कोई गाड़ी चलाए या नहीं उसे पूरे साल के लिए बीमा लेना पड़ता है और इसकी कीमत भी अधिक होती है। मोटर मालिकों इसे लेना पड़ता है, क्योंकि इसके अलावा दूसरा कोई ऑप्शन नहीं है।
नए नियम के तहत इंश्योरेंस खरीदने वाले ग्राहकों को यह छूट मिलेगी कि जब वो अपनी गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे, उसी टाइम पीरियड के लिए इंश्योरेंस कवर खरीद सकेंगे। इससे बीमा की लागत कम हो जाएगी। कंपनियां जल्द ही ऐसे मोटर इंश्योरेंस कवर प्रदान कर सकती हैं।
प्रीमियम सस्ता हो जाएगा
इसके अलावा दुकानदार और व्यापारी भी अपनी जरूरत के अनुसार, केवल आग, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदा के कवर के लिए बीमा खरीद सकेंगे। मौजूदा व्यवस्था में दुकानदारों और कारोबारियों को उनके बिजनेस के लिए 12 अलग-अलग बीमा कवर वाली पॉलिसी दी जाती है। इससे पॉलिसी की लागत बढ़ जाती है। नए नियम में प्रीमियम सस्ता हो जाएगा।
ग्राहकों के लिए फायदेमंद
जानकारों का मानना है कि बीमा पॉलिसी में कई कवर ऐसे होते हैं, जिनकी जरूरत शायद ही कभी ग्राहकों को पड़ती है। अगर ग्राहक कोई कवर अपनी पॉलिसी में जोड़ना चाहता, तो उसे इसके लिए अलग से पैसे देने पड़ते हैं। नई व्यवस्था ग्राहकों के लिए किफायती साबित होगी और वो अपनी जरूरत के हिसाब से कवर चुन सकेंगे।
