यूटिलिटी

Real Estate: पिछले 9 साल में भारतीय रियल एस्टेट में 73 फीसदी की उछाल, मार्केट साइज 482 अरब डॉलर पर पहुंचा

Indian Real Estate Market Size: भारतीय रियल एस्टेट बाजार का आकार साल 2015 में 279 अरब डॉलर था और 2024 में यह बढ़कर 482 अरब डॉलर हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का रियल एस्टेट बाजार वर्ष 2034 तक करीब तिगुना होकर 1,487 अरब डॉलर का हो जाएगा।

Image

Indian real estate Market size

Photo : BCCL

Real Estate: रेसिडेंशियल एवं कमर्शियल प्रॉपर्टी की बेहतर मांग और उच्च आर्थिक बढ़ोतरी की वजह से भारतीय रियल एस्टेट बाजार का आकार साल 2015 से 73 फीसदी उछलकर 482 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। संपत्ति के बारे में परामर्श देने वाली नाइट फ्रैंक और उद्योग मंडल सीआईआई की तरफ से शुक्रवार को संयुक्त रूप से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का रियल एस्टेट बाजार वर्ष 2034 तक करीब तिगुना होकर 1,487 अरब डॉलर का हो जाएगा।

रियल एस्टेट का मार्केट साइज

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रियल एस्टेट बाजार का आकार साल 2015 में 279 अरब डॉलर था और 2024 में यह बढ़कर 482 अरब डॉलर हो चुका है, जो कुल आर्थिक उत्पादन का 7.3 फीसदी है। बढ़ती अर्थव्यवस्था के समर्थन से देश में रियल एस्टेट सेक्टर में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र का लगभग 250 सहायक उद्योगों से किसी-न-किसी तरह का संबंध है। सलाहकार फर्म ने कहा कि यह कृषि सेक्टर के बाद सबसे अधिक रोजगार पैदा करने वालों में से एक है, जो कुल रोजगार का 18 फीसदी है।

सीआईआई-नाइट फ्रैंक इंडिया रिपोर्ट का अनुमान है कि 2034 तक भारत के रियल एस्टेट सेक्टर का विस्तार 1.5 लाख करोड़ डॉलर तक होने की उम्मीद है। यह कुल आर्थिक उत्पादन में 10.5 प्रतिशत का योगदान देगा।

2034 तक इतना हो सकता है मार्केट वैल्यू

सलाहकार कंपनी ने रियल एस्टेट सेक्टर के बाजार आकार में बढ़ोतरी के लिए बढ़ती आवासीय मांग, कार्यालय स्थल की जरूरत में बढ़ोतरी, होटल और रिटेल सेक्टर के विस्तार को जिम्मेदार ठहराया है। नाइट फ्रैंक इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (शोध, परामर्श, बुनियादी ढांचा एवं मूल्यांकन) गुलाम जिया ने कहा कि आने वाले दशक में भारत की आर्थिक उन्नति में अभूतपूर्व उछाल आएगा, जिसमें रियल एस्टेट सेक्टर आधारशिला बनने के लिए तैयार है। वर्ष 2034 में आवासीय बाजार 906 अरब डॉलर वैल्यू होने की उम्मीद है जबकि कार्यालय सेक्टर 125 अरब डॉलर का योगदान देगा।

TNN Business Desk
TNN बिजनेस डेस्क author

TNN बिजनेस डेस्क

और पढ़ें
End of Article