ट्रेन पकड़ने में हुई देरी तो हाथ से निकल जाएगी कंफर्म सीट! जानिए क्या है भारतीय रेलवे का नियम
- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Feb 12, 2026, 04:02 PM IST
Train Boarding Rule: ट्रेन से रोजाना 2 करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं। कई बार यात्रियों को ट्रेन से जुड़े कुछ नियमों की जानकारी नहीं होती, जिसकी वजह से बाद में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। आपके साथ ऐसा न हो इसके लिए आपको कन्फर्म सीट से जुड़े नियम की जानकारी होनी चाहिए।
Indian Railways Rule (Photo: iStock)
Train Boarding Rule : क्या आप जानते हैं ट्रेन में कंफर्म सीट होने के बाद भी आप अपनी सीट गंवा सकते हैं। जी हां, ट्रेन में कंफर्म सीट को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। अगर आप समय पर अपनी सीट पर नहीं पहुंचते तो सीट के पैसे चुकाने के बाद भी आपकी सीट किसी और को मिल सकती है।
क्या कहता है नियम
भारत में ट्रेन से रोजाना 2 करोड़ से ज्यादा सफर करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की सुविधा को देखते हुए भारतीय रेलवे की ओर से कई नियम बनाए गए हैं। बहुत से यात्रियों को सभी नियमों की जानकारी नहीं होती। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण नियम सीट या बर्थ को लेकर है। अगर आपने कन्फर्म टिकट लिया है, लेकिन ट्रेन छूटने के बाद तय समय तक अपनी सीट पर उपस्थित नहीं होते तो आपकी सीट किसी और यात्री को दी जा सकती है।
कितनी देर किया जाता है इंतजार
भारतीय रेलवे के नियमों अनुसार, अगर कोई यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद लगभग एक घंटे तक अपनी आरक्षित सीट पर नहीं पहुंचता तो टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) उस सीट को आरएसी (RAC) या वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को अलॉट कर सकता है। दरअसल, ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि खाली सीटों का सही इस्तेमाल हो सके और अधिक से अधिक यात्रियों की यात्रा सुविधाजनक बन सके।
अगले स्टेशन से ट्रेन लेना
कई बार यात्री किसी कारणवश देर से स्टेशन पहुंचते हैं या अगले स्टेशन से चढ़ने की योजना बनाते हैं। ऐसी स्थिति में अगर उन्होंने पहले से जानकारी नहीं दी तो टीटीई को यह मानने का अधिकार होता है कि यात्री यात्रा नहीं कर रहा है। इसलिए अगर आप किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने वाले हैं तो टिकट बुक करते समय सही बोर्डिंग स्टेशन चुनना बेहद जरूरी है। जरूरत पड़ने पर आप यात्रा से पहले बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल भी सकते हैं।
बोर्डिंग स्टेशन सही तो सीट सुरक्षित
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह नियम मुख्य रूप से यात्रा शुरू होने वाले स्टेशन से लागू होता है। अगर आप उसी ट्रेन में बाद के किसी स्टेशन से चढ़ रहे हैं और आपका बोर्डिंग स्टेशन सही दर्ज है तो आपकी सीट सुरक्षित रहती है। फिर भी देरी होने की स्थिति में टीटीई से संपर्क करना समझदारी होती है।
