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ब्रिटिश डेयरी-सेब-चीज पर लगा रहेगा टैक्स! भारत-यूके FTA में नहीं मिली छूट

India-UK FTA pact: भारत और ब्रिटेन ने मंगलवार को एफटीए पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की। इसके लिए बातचीत जनवरी, 2022 में शुरू हुई थी। भारत ने पिछले साल मार्च में हस्ताक्षरित ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) व्यापार समझौते के तहत स्विट्जरलैंड और नॉर्वे को भी डेयरी क्षेत्र में कोई शुल्क रियायत नहीं दी है।

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India-UK FTA pact (image-istock)

India-UK FTA pact: भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत डेयरी उत्पादों, सेब और पनीर जैसी संवेदनशील कृषि वस्तुओं पर आयात शुल्क में ब्रिटेन को कोई रियायत नहीं देगा। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि करीब 10 प्रतिशत शुल्क लाइनें संवेदनशील वस्तुओं की सूची में हैं।

भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए समझौता

भारत और ब्रिटेन ने मंगलवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की। इसके लिए बातचीत जनवरी, 2022 में शुरू हुई थी। अधिकारी ने कहा, “डेयरी उत्पाद, सेब, पनीर आदि कृषि उत्पादों को किसी भी शुल्क रियायत से बाहर रखा गया है। इससे भारत को अपने किसानों के हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।”

दूध और दूध उत्पादों पर इतना टैक्स

अपने सभी मुक्त व्यापार समझौतों में भारत ने इन वस्तुओं की रक्षा की है क्योंकि इसमें छोटे किसानों की आजीविका के मुद्दे शामिल हैं। भारत ने पिछले साल मार्च में हस्ताक्षरित ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) व्यापार समझौते के तहत स्विट्जरलैंड और नॉर्वे को भी डेयरी क्षेत्र में कोई शुल्क रियायत नहीं दी है। ब्रिटेन भारत के विशाल बाजार को देखते हुए इन उत्पादों पर कुछ शुल्क रियायतों की उम्मीद कर रहा था। देश में दूध और दूध उत्पादों पर करीब 30 प्रतिशत आयात शुल्क है।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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