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आप भी ले रहे हैं LPG सब्सिडी तो हो जाएं अलर्ट, इन लोगों को सरकार भेज रही नोटिस

LPG गैस पर सब्सिडी लेने वाले अब सरकार के राडार पर हैं। गैस एजेंसियों की ओर से लोगों को इस संबंध में मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। यदि आप भी सब्सिडी लेते हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है।

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LPG सब्सिडी पर बड़ा एक्शन! इन लोगों को सरकार की ओर से मिल रहा नोटिस/Photo- Canva

यदि आपके पास भी LPG गैस सिलेंडर का कनेक्शन है और सब्सिडी भी ले रहे हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं को इंडेन की तरफ से एक नया अलर्ट मैसेज भेजा जा रहा है। इस मैसेज में कहा गया है कि जिन उपभोक्ताओं या उनके परिवार के किसी सदस्य की टैक्स योग्य सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक है, उनकी एलपीजी सब्सिडी बंद की जा सकती है। तेल कंपनियों की ओर से यह कदम सरकारी सब्सिडी को केवल जरूरतमंद लोगों तक सीमित रखने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

क्या लिखा है मैसेज में?

उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे संदेश में कहा गया है कि आयकर रिकॉर्ड के अनुसार उनकी या परिवार के किसी सदस्य की कुल टैक्स योग्य आय निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है। ऐसे में यदि उपभोक्ता इस जानकारी से सहमत नहीं हैं, तो वे सात दिनों के भीतर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। मैसेज में यह भी साफ कहा गया है कि तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर एलपीजी सब्सिडी बंद की जा सकती है।

LPG subsidy

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किन लोगों पर पड़ेगा असर?

सरकारी नियमों के अनुसार जिन परिवारों की सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक है, वे एलपीजी सब्सिडी के पात्र नहीं माने जाते। इसमें पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों की संयुक्त आय को आधार माना जाता है। अब तेल कंपनियां आयकर विभाग के रिकॉर्ड के आधार पर ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर रही हैं। इस प्रक्रिया का असर उन लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है जो अभी तक सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं, लेकिन उनकी आय तय सीमा से ऊपर है।

शिकायत दर्ज कराने का विकल्प

मैसेज में उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने का विकल्प भी दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि आय संबंधी जानकारी गलत है, तो वह संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी के पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

फर्जी दावों पर सख्ती की तैयारी

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार अब सब्सिडी व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और लक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी कारण आयकर डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए पात्र और अपात्र उपभोक्ताओं की पहचान की जा रही है। आने वाले समय में एलपीजी सब्सिडी से जुड़े नियम और सख्त हो सकते हैं, जिससे केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही इसका लाभ मिल सके।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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