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अगर विदेशों में चलती वंदे भारत स्लीपर, तो कितना होता किराया?

Vande Bharat Sleeper Fare: वंदे भारत स्लीपर केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुकी है। कम किराए में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की क्षमता ही इसे दुनिया की कई महंगी रेल सेवाओं से अलग बनाती है।

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अगर विदेशों में चलती वंदे भारत स्लीपर, तो कितना होता किराया?

भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी ट्रेन Vande Bharat Sleeper को लेकर लोगों में उत्साह लगातार बढ़ रहा है। आधुनिक सुविधाओं और तेज रफ्तार से लैस यह ट्रेन अब भारत की नई पहचान बनती जा रही है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर वंदे भारत स्लीपर जैसी ट्रेन विदेशों में चलती, तो उसका किराया कितना होता? हाल ही में सामने आई एक तुलना में भारत, जापान, चीन, यूरोप और अमेरिका के हाई-स्पीड रेल किरायों का दिलचस्प अंतर देखने को मिला है।

भारत में सबसे किफायती सफर

तुलना के मुताबिक भारत में वंदे भारत स्लीपर का अनुमानित किराया करीब 2.40 रुपये से 3.80 रुपये प्रति किलोमीटर हो सकता है। यानी अगर कोई यात्री 1000 किलोमीटर की यात्रा करता है, तो उसे लगभग 2,400 से 3,800 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। यही वजह है कि भारत को दुनिया के सबसे किफायती रेल नेटवर्क में गिना जाता है।

जापान और अमेरिका में बेहद महंगा सफर

अगर यही दूरी जापान में तय की जाए, तो वहां हाई-स्पीड ट्रेनों का किराया 12 से 20 रुपये प्रति किलोमीटर तक पहुंच सकता है। यानी 1000 किलोमीटर के सफर के लिए यात्रियों को 12 हजार से 20 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। वहीं अमेरिका में यह खर्च और ज्यादा है। वहां हाई-स्पीड रेल यात्रा का किराया 15 से 30 रुपये प्रति किलोमीटर या उससे अधिक हो सकता है। ऐसे में 1000 किलोमीटर का सफर 15 हजार से 30 हजार रुपये तक पहुंच सकता है।

चीन और यूरोप भी भारत से काफी महंगे

चीन में हाई-स्पीड ट्रेनों का किराया लगभग 7 से 12 रुपये प्रति किलोमीटर बताया गया है। वहीं यूरोप में यह लागत 10 से 18 रुपये प्रति किलोमीटर तक हो सकती है। यानी साफ है कि भारत में आधुनिक ट्रेन यात्रा बाकी देशों की तुलना में काफी सस्ती पड़ती है।

विदेश में वंदे भारत स्लीपर

विदेश में वंदे भारत स्लीपर/photo-fb/IndianRailways

वंदे भारत स्लीपर की खासियत

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक और तेज बनाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। इसमें आधुनिक स्लीपर कोच, बेहतर सुरक्षा सिस्टम, आरामदायक सीटें और यात्रियों के लिए उन्नत सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। ट्रेन की संभावित रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक बताई जा रही है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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