गाड़ी बेचते समय RC को ट्रांसफर कराना जरूरी होता है।(फोटो क्रेडिट-iStock)
हम जब कोई पुरानी गाड़ी खरीदते या बेचते हैं, तो सबसे पहला और जरूरी काम होता है RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) को ट्रांसफर करवाना। RC ट्रांसफर से यह साफ हो जाता है कि वर्तमान में गाड़ी का असली मालिक कौन है। ऐसा इसलिए भी जरूरी है कि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी या दस्तावेज से जुड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़े। अगर आप ने नई गाड़ी खरीदा है और पुरानी गाड़ी बेचना चाहते हैं तो आज की खबर आपेक लिए काम आने वाली है।
कार की ऑनरशिप बदलने के लिए फॉर्म 29 और फॉर्म 30 भरना जरूरी होता है। ये फॉर्म आप RTO ऑफिस से ले सकते हैं या परिवहन सेवा की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। अगर आप अपनी गाड़ी को दूसरे राज्य में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो पुराने RTO से NOC (फॉर्म 28) लेना पड़ेगा। यदि गाड़ी की खरीदारी लोन पर की थी तो ऐसी कंडीशन में आपको बैंक से NOC भी लेनी पड़ेगा और फॉर्म 35 भी लगाना होगा। यह इसलिए है क्योंकि यह साबित हो सके कि गाड़ पर किसी भी तरह का लोन बकाया नहीं है।
आपको बता दें कि अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी बेच रहे हैं तो RC ट्रांसफर कराने के दो तरीके हैं। पहला- आप ऑनलाइन तरीके से RC को ट्रांसफर करा सकते हैं और दूसरा ऑफलाइन यानी RTO ऑफिस जाकर RC को ट्रांसफर कराना। RC को ट्रांसफर करने का सबसे आसान तरीका ऑनलाइन ही है।
कुछ राज्यों में आर.सी. हस्तांतरण के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की आवश्यकता होती है। यदि आवश्यक हो, तो आप ऑनलाइन ही अपने नजदीकी RTO के लिए अपॉइंटमेंट बुक करके स्लिप का प्रिंटआउट लें। बायोमेट्रिक डिटेल्स फिल करने के बाद आप फॉर्म को सबमिट कर सकते हैं। ध्यान रहे कि RC ट्रांसफर होने में करीब एक महीने तक का समय लग सकता है।
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