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बिजली मीटर में जलने वाली छोटी लाइट 365 दिन में कितना बिजली खाती है? जानें कितना बढ़ता है बिल

बिजली मीटर में एक छोटी सी लाल रंग की लाइट चौबीसों घंटे टिमटिमाती रहती है। इसे आमतौर पर 'इम्पल्स लाइट' (Impulse LED) कहा जाता है। आइए आपको बताते हैं कि मीटर की यह छोटी सी लाइट एक साल में कितनी बिजली की खपत करती है।

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आप छोटी-छोटी आदते बदलकर बिजली बिल की खपत को कम कर सकते हैं।

आज के दौर में जब महंगाई आसमान छू रही है, हर कोई बिजली का बिल बचाने कम करने के लिए अलग-अलग जुगाड़ में लगे रहते हैं। की जुगत में लगा रहता है। लोग घर के पंखे, एसी और लाइटें तो ध्यान से बंद कर देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी अपने घर के बाहर या गैलरी में लगे बिजली के मीटर (Electricity Meter) पर गौर किया है?

उस मीटर में एक छोटी सी लाल रंग की लाइट (LED) चौबीसों घंटे टिमटिमाती रहती है। इसे आमतौर पर 'इम्पल्स लाइट' (Impulse LED) कहा जाता है। कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि चौबीसों घंटे, साल के 365 दिन जलने वाली यह लाइट आखिर कितनी बिजली खाती है और सालभर में इससे हमारे बिल पर क्या असर पड़ता है? आइए इसका पूरा गणित समझते हैं।

बिजली मीटर की लाइट का काम क्या है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यह लाइट बिना वजह नहीं जलती। डिजिटल या स्मार्ट मीटर में इस लाल लाइट को 'Impulse' (इम्पल्स) या 'Cal' (कैलिब्रेशन) लाइट कहा जाता है।

लोड की जानकारी: यह लाइट आपके घर में इस्तेमाल हो रही बिजली की रफ्तार को बताती है। जब घर में ज्यादा लोड (जैसे- AC, गीजर) चल रहा होता है, तो यह लाइट बहुत तेजी से ब्लिंक (लपकना) करती है। जब लोड कम होता है, तो इसकी रफ्तार धीमी हो जाती है।

रीडिंग का पैमाना: मीटर पर ध्यान से देखेंगे तो वहां 3200 imp/kWh या 1600 imp/kWh लिखा होता है। इसका मतलब है कि अगर यह लाइट 3200 बार ब्लिंक करेगी, तो आपके मीटर में 1 यूनिट (kWh) बिजली का खर्च दर्ज होगा।

सालभर में कितनी बिजली खाती है यह लाइट?

बिजली मीटर में इस्तेमाल होने वाली लाइट एक बेहद छोटी LED (Light Emitting Diode) होती है। यह इतनी कम बिजली लेती है कि आम तौर पर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। आइए कैलकुलेशन करके देखते हैं:

लाइट की क्षमता (Wattage): एक सामान्य मीटर की LED लाइट लगभग 0.05 वाट से 0.1 वाट बिजली की खपत करती है। हम इसे अधिकतम 0.1 वाट मान लेते हैं।

24 घंटे में बिजली की खपत

0.1 वाट X 24 घंटे = 2.4 वाट-घंटा (Wh)

सालभर (365 दिन) की खपत:

2.4 वाट-घंटा X 365 दिन = 876 वाट-घंटा (Wh)

अब इसे यूनिट (kWh) में बदलने के लिए 1000 से भाग देते हैं- 876/1000 = 0.876 यूनिट

मीटर की यह लाल लाइट सालभर लगातार जलने के बाद भी 1 यूनिट बिजली भी पूरी तरह से खर्च नहीं कर पाती (लगभग 0.88 यूनिट)। अगर मीटर की लाइट इतना कम खाती है, तो फिर बिल इतना ज्यादा क्यों आता है? असल में हमारे घरों में कई ऐसे उपकरण हैं जो बंद होने के बाद भी 'साइलेंट किलर' की तरह बिजली चूसते रहते हैं। इसे 'फैंटम लोड' (Phantom Load) या स्टैंडबाय पावर कहते हैं।

टीवी और सेट-टॉप बॉक्स: रिमोट से टीवी बंद करने के बाद भी प्लग ऑन रहने पर यह सालाना 20 से 40 यूनिट तक बिजली खा सकता है।

मोबाइल और लैपटॉप चार्जर: फोन हटाने के बाद भी स्विच ऑन रखने पर चार्जर बिजली सोखता रहता है।

माइक्रोवेव और AC: डिस्प्ले क्लॉक या स्टैंडबाय मोड में रहने के कारण ये लगातार बिजली खर्च करते हैं।

बिजली मीटर की वह लाल लाइट सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से बेहद जरूरी है और इसका सालभर का खर्च एक चाय की कीमत से भी कम है। इसलिए मीटर की लाइट की चिंता छोड़िए, बल्कि घर के उन उपकरणों के स्विच को सीधे बोर्ड से बंद करने की आदत डालिए जो रिमोट से बंद होने के बाद भी आपके बिजली बिल को चुपके से बढ़ा रहे हैं।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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