Unified Portal: केंद्र सरकार अपनी अलग-अलग सर्विस को एक पोर्टल पर लाने की तैयारी में है। सरकार अपने सभी डिजिटल पब्लिक गुड्स (डीपीजी) जैसे आधार, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) और डिजिटल कॉमर्स ओपन नेटवर्क को एक ही पोर्टल पर लिस्ट करने की प्लानिंग कर रही है। इसके लिए एक इंट्रेगेटेड पोर्टल लॉन्च करने की योजना है। सरकार की कोशिश है कि डिजिटल सर्विस आसानी से लोगों तक पहुंचे।
ईटी में छपी एख खबर के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी को पोर्टल बनाने और सभी मंत्रालयों और उनके संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय करके उनके द्वारा बनाए गए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का विवरण देने का काम सौंपा जा सकता है। लगभग सभी केंद्रीय सरकारी विभागों और यहां तक कि कुछ राज्यों ने अपने डीपीजी बनाए हैं, जो ऐप्स और प्लेटफार्मों के माध्यम से विभिन्न सेवाएं प्रदान करते हैं।
फिलहाल केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न स्कीम्स और सर्विस के लिए अलग-अलग पोर्टल मौजूद हैं। लोगों को सरकारी स्कीम्स या सर्विस का लाभ लेने के लिए अलग-अलग पोर्टल पर जाना पड़ता है। ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन सरकारी सर्विस की पहुंच तो है, लेकिन इसका लाभ लेने के लिए लोगों को साइबर कैफे या कंप्यूटर सेंटर जाना पड़ता है। फिर सर्विस के इस्तेमाल के लिए लोगों को शुल्क देना पड़ता है।
यूनिफाइड पोर्टल का उद्देश्य सिर्फ सर्विस तक लोगों की पहुंच के आसान करना भर नहीं है, बल्कि व्यापार करने में आसानी को भी बढ़ावा देना है। क्योंकि बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी इन डीपीआई की सेवाएं मांग रही हैं। अधिकारी ने कहा कि डीपीजी के तहत ऐप और सेवाएं जो वर्तमान में विकसित की जा रही हैं और सार्वजनिक सेवा के लिए लॉन्च नहीं की गई हैं, उन्हें एप्लिकेशन डेवलपर्स और सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के लिए पोर्टल में सूचीबद्ध किया जा सकता है। अब तक देश में विभिन्न स्तरों पर लगभग 60 डीपीजी या तो पूरी तरह से या आंशिक रूप से विकसित किए जा चुके हैं।