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गांव की तरक्की अब डिजिटल ट्रैक पर: सरकार ने लॉन्च किया पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स 2.0 पोर्टल

Panchayat Advancement Index 2.0 portal: पीएआई पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित एक मूल्यांकन ढांचा है, जिसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के स्थानीयकरण के साथ नौ थीम में 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन पर नजर रखना है। पीएआई वर्जन 1.0 बेसलाइन के रूप में काम करेगी।

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Panchayat Advancement Index 2.0 portal

Panchayat Advancement Index 2.0 portal: पंचायतों को गवर्नेंस और सर्विस डिलीवरी के प्रमुख क्षेत्रों में अपने प्रदर्शन का व्यवस्थित रूप से आकलन करने और उसे बेहतर बनाने के लिए केंद्र ने पंचायत एडवांसमेंट पोर्टल (पीएआई) 2.0 पोर्टल लॉन्च किया। सरकार के मुताबिक, पीएआई का वर्जन 2.0 कार्यक्षमता, दक्षता और उपयोगिता में एक बड़ी छलांग है।

पीएआई पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित एक मूल्यांकन ढांचा है, जिसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के स्थानीयकरण के साथ नौ थीम में 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन पर नजर रखना है। पीएआई वर्जन 1.0 बेसलाइन के रूप में काम करेगी। इसमें 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 2.16 लाख ग्राम पंचायतों के डेटा को कवर किया जाता है। सरकार के मुताबिक, पीएआई का वर्जन 2.0 कार्यक्षमता, दक्षता और उपयोगिता में एक बड़ी छलांग है।

मंत्रालय ने कहा, "पीएआई 1.0 से 2.0 तक बदलाव केंद्रित फ्रेमवर्क के रिफाइनमेंट को दर्शाता है, जिसमें विषयगत व्यापकता को बनाए रखते हुए उपयोगिता और विश्वसनीयता में सुधार करने के लिए संकेतकों और डेटा बिंदुओं का एक अधिक स्पष्ट और अधिक व्यावहारिक सेट तैयार किया गया है।"

पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने पंचायतों को गवर्नेंस और सर्विस डिलीवरी के प्रमुख क्षेत्रों में अपने प्रदर्शन का व्यवस्थित रूप से आकलन करने और उसे बेहतर बनाने में सक्षम बनाने के लिए पीएआई 2.0 की परिवर्तनकारी क्षमता के बारे में बताया।

आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, "हमें अब अपनी पंचायतों में भी इसी भावना को आगे बढ़ाना चाहिए। जब हम सटीक डेटा रिकॉर्ड करते हैं, तो हम सिर्फ गिनती नहीं करते, बल्कि हम देश के बदलाव में योगदान देते हैं।"

इस दौरान भारद्वाज ने जमीनी कार्यकर्ताओं से पीएआई पोर्टल 2.0 पर सटीक डेटा दर्ज करने का आग्रह किया, जिससे भारत के समग्र विकास के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण मिलेगा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग ने कहा कि “पिछले पांच वर्षों में भारत की एसडीजी डेटा उपलब्धता 55 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 95 प्रतिशत हो गई है।" उन्होंने बताया कि कैसे पीएआई ढांचा बेहतर मानकीकरण, सामंजस्य और विजुअलाइजेशन के माध्यम से समावेशी, परिणाम केंद्रित शासन के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाता है।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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