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nirmala sitharaman: वित्त मंत्री ने कहा- जनधन और बेसिक सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य नहीं

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 6, 2024, 06:36 PM IST

Jan Dhan Bank Accounts: बैंक केवल उन मामलों में जुर्माना लगाते हैं, जहां ग्राहक अपने अन्य खातों में आवश्यक राशि बनाए रखने में विफल रहते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि जन धन और बेसिक सेविंग अकाउंट में मिनिमम राशि बनाए रखने की कोई जरूरत नहीं है।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Photo : ANI

Jan Dhan Bank Accounts: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि जन धन और बेसिक सेविंग अकाउंट में मिनिमम राशि बनाए रखने की कोई जरूरत नहीं है। बैंक केवल उन मामलों में जुर्माना लगाते हैं, जहां ग्राहक अपने अन्य खातों में आवश्यक राशि बनाए रखने में विफल रहते हैं। वित्त मंत्री राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा पांच साल में खातों में न्यूनतम राशि नहीं रखने पर ग्राहकों से लगभग 8,500 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूलने से संबंधित पूरक प्रश्न का उत्तर दे रही थीं।

न्यूनतम राशि रखने का प्रावधान

निर्मला सीतारमण ने कह कि बैंक खाते में न्यूनतम राशि रखने का प्रावधान प्रधानमंत्री जन धन खातों और गरीब लोगों के बुनियादी खातों पर लागू नहीं होता है। यह केवल उन लोगों के लिए है जिनकी न्यूनतम राशि एक निश्चित स्तर पर होने की उम्मीद है। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह सामने आया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने वित्त वर्ष 2019-20 से पांच साल में इस मद में लगभग 8,500 करोड़ रुपये वसूले।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी पिछले महीने लोकसभा को बताया था कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने वित्त वर्ष 2023-24 में खातों औसत मासिक न्यूनतम राशि नहीं रखने पर जुर्माने के तौर पर जमाकर्ताओं से 2,331 करोड़ रुपये वसूले।

कितने खाते खोले गए

सरकार ने अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के नाम से वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय मिशन (एनएमएफआई) की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य बैंकिंग सुविधा से वंचित हर परिवार को बैंकिंग सुविधा प्रदान करना था। केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लगभग 35.15 करोड़ या 66.6 प्रतिशत पीएमजेडीवाई खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। (इनपुट-भाषा)
Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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