Car Insurance : चक्रवात मिचौंग ने तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। इस चक्रवात के बाद एक बार फिर से कार बीमा के महत्व को सामने ला दिया है। चक्रवात के दौरान कारों का क्षतिग्रस्त हो जाना बेहद आम बात है। प्राकृतिक आपदाओं के ऐसे मामलों में इंश्योरेंस हमें कार को हुए नुकसान को कवर करने में मदद करता है। चेन्नई में चक्रवात मिचौंग के कारण भारी बाढ़ आई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई वीडियो में बाढ़ का पानी कारों को बहाकर ले जाता हुआ दिख रहा है। कुछ इलाकों में जलस्तर के कारण कारें पूरी तरह डूब गई हैं। ऐसे में कोई कैसे अपनी कार इंश्योरेंस को क्लेम कर सकता है।
मोटर इंश्योरेंस
कारों को होने वाले नुकसान को आम तौर पर एक व्यापक मोटर इंश्योरेंस के तहत कवर किया जाता है। भारत में मोटर वाहन अधिनियम के तहत थर्ड-पार्टी पॉलिसी खरीदना अनिवार्य है। थर्ड पार्टी पॉलिसी तीसरे पक्ष के व्यक्ति के स्वामित्व वाली संपत्ति को होने वाली आकस्मिक क्षति, तीसरे पक्ष के व्यक्ति को लगी चोटों के इलाज की लागत, तीसरे पक्ष के व्यक्ति की मृत्यु होने पर मुआवजा और कानूनी देनदारियों की लागत को कवर करती है।
प्राकृतिक आपदा
एक कार बीमा पॉलिसी, अन्य बातों के अलावा, भूकंप, चक्रवात, बाढ़, भूस्खलन आदि जैसी प्राकृतिक आपदा से कार को होने वाले नुकसान को कवर करेगी। बीमा पॉलिसी के अलावा, कुछ ऐड-ऑन खरीदना बेहतर है जैसे सड़क किनारे सहायता, इंजन सुरक्षा कवर, व्यक्तिगत सामान की हानि आदि। ये स्पेशल फीचर्स कार बीमा कवरेज के दायरे को बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं।
सबसे पहले करें ये काम
किसी भी तरह की समस्या होने पर कार मालिक को तुरंत बीमा कंपनी को क्लेम के लिए घटना के बारे में सूचित करना चाहिए। साथ ही नुकसान से संबंधित तस्वीरें और वीडियो भी लें, क्योंकि आप उन्हें सबूत के तौर पर पेश कर सकते हैं। अपनी कार बीमा पॉलिसी, कार का रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट आदि अपने पास रखें। इसके बाद कार इंश्योरेंस के लिए क्लेम करें। बीमा कंपनी कार को गैरेज में ले जाएगी और किए गए क्लें की जांच करेगी। नुकसान की जांच के बाद मालिक को क्लेम की रकम मिल जाती है। या फिर कार को ठीक करने में आने वाले खर्च का वहन बीमा कंपनी करती है।
