Railways Food Quality: भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने खानपान सेवा में सुधार को लेकर वर्ष 2024-25 में कई कड़े कदम उठाए हैं। यात्रियों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए रेलवे की सहायक संस्था IRCTC ने अब तक 13.2 करोड़ रुपये का जुर्माना ठेकेदारों पर लगाया है। यह जुर्माना भोजन की गुणवत्ता में कमी, गंदगी या अन्य अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए वसूला गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत रेलवे ने खानपान में व्यापक सुधार लागू किए हैं, ताकि यात्रियों को स्वच्छ, स्वादिष्ट और संतोषजनक भोजन मिल सके। हर थाली की निगरानी अब प्रोफेशनल्स के हाथ में सौंपी गई है। रेलवे का यह कदम यात्रियों को बेहतर अनुभव देने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो रहा है।
प्रोफेशनल निगरानी व्यवस्था
हर दिन भारतीय रेल में औसतन 16.5 लाख यात्रियों को भोजन परोसा जाता है। इतनी बड़ी संख्या में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए IRCTC ने 1695 होटल मैनेजमेंट डिग्री या डिप्लोमा धारकों की नियुक्ति की है। इनमें से 819 प्रोफेशनल बेस किचन की निगरानी करते हैं, जबकि 876 ट्रेन में परोसे जा रहे भोजन पर नजर रखते हैं।
क्लस्टर प्रणाली से जवाबदेही तय
रेलवे ने खानपान सेवा के ठेके अब 'क्लस्टर प्रणाली' के तहत देने शुरू किए हैं। इस प्रणाली में एक सेवा प्रदाता को कई ट्रेनों की खानपान सेवा की जिम्मेदारी दी जाती है, जिससे निगरानी और संचालन आसान होता है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी एक कंपनी को 80% से अधिक क्लस्टर 'A' का ठेका न मिले, जिससे एकाधिकार न बन सके।
RailMadad से शिकायतों का समाधान
यात्रियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए रेलवे का RailMadad पोर्टल सक्रिय रूप से निगरानी कर रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दर्ज शिकायतों पर IRCTC और रेलवे तुरंत प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
