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Ayush Health Service: देश का हर दूसरा व्यक्ति आयुष स्वास्थ्य सर्विस का करता है इस्तेमाल, जानिए सर्वे में क्या आया सामने

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 13, 2024, 10:11 PM IST

Ayush Health Service: ​​लगभग 85 प्रतिशत ग्रामीण और 86 प्रतिशत शहरी परिवारों में कम से कम एक सदस्य औषधीय पौधों/घरेलू उपचारों/स्थानीय स्वास्थ्य परंपराओं/लोक चिकित्सा के बारे में जानता है। इस सर्वेक्षण में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ दुर्गम गांवों को छोड़कर पूरे देश को शामिल किया गया।

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Ayush Health Service

Photo : iStock

Ayush Health Service: भारत में लगभग हर दूसरा व्यक्ति आयुष स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का उपयोग करता है। एक सरकारी सर्वे में यह निष्कर्ष निकाला गया है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि 46 प्रतिशत ग्रामीण और 53 प्रतिशत शहरी लोग इस पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली का उपयोग करते हैं। आयुष स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी शामिल हैं। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSS) के 79वें दौर के हिस्से के रूप में जुलाई, 2022 से जून, 2023 तक राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) द्वारा ‘आयुष’ पर पहला विशेष अखिल भारतीय सर्वेक्षण किया गया था।

सर्वे में कितने लोग थे शामिल

बयान के अनुसार, इस सर्वेक्षण में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ दुर्गम गांवों को छोड़कर पूरे देश को शामिल किया गया। 1,81,298 परिवारों से जानकारी एकत्रित की गई, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 1,04,195 और शहरी क्षेत्रों में 77,103 परिवार शामिल थे। अध्ययन के अनुसार, लगभग 95 प्रतिशत ग्रामीण और 96 प्रतिशत शहरी उत्तरदाताओं को आयुष के बारे में जानकारी है।

आयुर्वेद का सबसे अधिक इस्तेमाल

लगभग 85 प्रतिशत ग्रामीण और 86 प्रतिशत शहरी परिवारों में कम से कम एक सदस्य औषधीय पौधों/घरेलू उपचारों/स्थानीय स्वास्थ्य परंपराओं/लोक चिकित्सा के बारे में जानता है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपचार के लिए आयुर्वेद सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली प्रणाली है। आयुष का उपयोग मुख्य रूप से कायाकल्प और निवारक उपायों के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त, सर्वेक्षण में आयुष चिकित्सा प्रणालियों का उपयोग करके उपचार के लिए घरेलू व्यय पर जानकारी एकत्र की गई।

आयुष चिकित्सा पद्धति

आयुष चिकित्सा पद्धति का उपयोग आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी की एक या अधिक प्रणालियों के उपयोग/अपनाने को संदर्भित करता है, जो किसी चिकित्सक/प्रशिक्षक की सलाह पर बीमारियों/व्याधियों के उपचार या बीमारियों/व्याधियों की रोकथाम के लिए है। इसमें उपचार/दवा के निवारक या लाभकारी प्रभावों को जानने वाले घर के किसी सदस्य द्वारा उपयोग किए जाने वाले घरेलू उपचार/स्व-दवा/स्व-उपचार भी शामिल होंगे।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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