EPFO Rules: पैसे की टेंशन खत्म! जरूरत पड़ने पर इतनी बार निकाल सकते हैं अपना PF? चेक करें नियम
- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Feb 6, 2026, 03:34 PM IST
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने PF निकासी से जुड़े नियमों में हाल ही में कई बड़े बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों को जरूरत के समय PF तक आसान पहुंच देना है, साथ ही रिटायरमेंट के लिए जरूरी बचत को सुरक्षित रखना भी है।
पीएफ से कब और कितनी बार निकाल सकते हैं पैसा (Photo: iStock)
EPFO Rules: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से PF (Provident Fund) निकासी नियमों को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के साथ लाखों कर्मचारियों के लिए PF से पैसे निकालना अब पहले से काफी आसान हो गया है। इन नए नियमों के तहत अब आप अपने PF खाते से किसी भी कारण या जरूरत के हिसाब से बिना जटिल प्रक्रिया के पैसा निकाल सकते हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ स्थितियों में आप 12 महीने की सेवा पूरी होने के बाद 100% यानी पूरा PF बैलेंस भी निकाल सकते हैं।
तीन सरल कैटेगरी में बदले नियम
पहले पुराने नियम के अनुसार PF निकासी के लिए अलग-अलग सेवाओं और उद्देश्यों के लिए अलग-अलग समय सीमा थी। उदाहरण के लिए, शादी, शिक्षा या घर के खर्च के लिए निकासी के लिए कई वर्षों का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब 13 अलग-अलग नियमों को मिलाकर तीन सरल कैटेगरी में बदल दिया गया है। ये कैटेगरी Essential Needs (जरुरी खर्च), Housing Needs (घर संबंधी खर्च) और Special Circumstances (विशेष परिस्थितियां) हैं।
जरूरी खर्च (Essential Needs)
जरूरी खर्च (Essential Needs) में बीमारी, पढ़ाई और शादी जैसे खर्च को शामिल किया जाता है। अब पढ़ाई के लिए PF से 10 बार तक और शादी के लिए 5 बार तक पैसा निकाला जा सकता है, जो पहले तय सीमा से काफी ज्यादा है।
Housing Needs (घर संबंधी खर्च)
Housing Needs (घर संबंधी खर्च) में घर खरीदने, घर बनाने या होम लोन चुकाने के लिए PF से निकासी की सुविधा दी जाती है।
Special Circumstances (विशेष परिस्थितियां)
Special Circumstances (विशेष परिस्थितियां) में प्राकृतिक आपदा या अचानक आई आर्थिक परेशानी जैसी स्थितियों में PF से पैसा निकालने की सुविधा दी जाती है।
इन नियमों का भी रखें ध्यान
रिटायरमेंट के लिए 25% राशि सुरक्षित रखना जरूरी
PF खाताधारक को अपने कुल PF बैलेंस का कम से कम 25% हिस्सा बिना निकाले रखना होगा, ताकि भविष्य में रिटायरमेंट के समय आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।
EPS पेंशन निकासी के नियम सख्त
अब Employees’ Pension Scheme (EPS) के तहत पेंशन निकालने के लिए कम से कम 36 महीने का इंतजार जरूरी होगा, पहले यह अवधि सिर्फ 2 महीने थी।
नौकरी छूटने पर 75% तक तुरंत निकासी
अगर नौकरी चली जाती है तो कर्मचारी 75% तक PF राशि तुरंत निकाल सकता है, जिसमें नियोक्ता का योगदान और ब्याज भी शामिल होगा। बाकी 25% रकम एक साल बाद निकाली जा सकेगी।
कुछ हालात में पूरा PF निकालने की अनुमति
55 साल की उम्र के बाद रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, काम करने में असमर्थता, छंटनी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या हमेशा के लिए भारत छोड़ने जैसी स्थितियों में पूरा PF बैलेंस निकालने की सुविधा होगी।
