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EPS Pensions: 1000 से बढ़कर 7500 हो सकती है न्यूनतम पेंशन, ईपीएस पेंशन में जबरदस्त बढ़ोतरी की उम्मीद

EPS Pensions Alert: 2014 में सरकार ने न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये निर्धारित किया था, लेकिन बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत के मद्देनजर इस राशि में अब संशोधन की मांग जोरों पर है। न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रति माह किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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EPF Pension

Photo : BCCL

EPS Pensions Alert: पेंशनधारकों के लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से चलाई जा रही कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रति माह किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह बढ़ोतरी लगभग 650% होगी, जिससे लाखों पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा। यह प्रस्ताव वर्तमान में संसदीय स्थायी समिति के विचाराधीन है।

क्या है कर्मचारी पेंशन योजना (EPS)?

EPS को 16 नवंबर 1995 को शुरू किया गया था। यह योजना संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इसके तहत नियोक्ता कर्मचारी के वेतन का 8.33% हिस्सा EPS अकाउंट में जमा करते हैं, जबकि केंद्र सरकार अतिरिक्त 1.16% योगदान करती है।

2014 में सरकार ने न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये निर्धारित किया था, लेकिन बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत के मद्देनजर इस राशि में अब संशोधन की मांग जोरों पर है।

क्या है प्रस्तावित बदलाव?

एक संसदीय समिति, जिसकी अध्यक्षता बीजेपी सांसद बसवराज बोम्मई कर रहे हैं, ने श्रम मंत्रालय से कहा है कि वह EPS की तीसरे पक्ष द्वारा मूल्यांकन प्रक्रिया को 2025 के अंत तक पूरा करें। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले एक दशक में महंगाई में काफी वृद्धि हुई है, इसलिए न्यूनतम पेंशन को बढ़ाना आवश्यक हो गया है।

EPS पेंशन पाने के पात्र कौन हैं?

58 वर्ष की आयु में कम से कम 10 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने पर पेंशन पात्रता होती है। यदि कर्मचारी 58 साल से पहले सेवा समाप्त करता है, लेकिन उसने 10 साल या अधिक सेवा की है, तो उसे प्रारंभिक पेंशन मिल सकती है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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