सावधान! क्या आपको भी आया है e-PAN कार्ड डाउनलोड करने का मेल? खाली हो सकता है बैंक खाता
- Authored by: रिचा त्रिपाठी
- Updated Jan 31, 2026, 05:42 PM IST
अगर आपके ईमेल इनबॉक्स में e-PAN कार्ड डाउनलोड करने या पैन अपडेट करने का कोई मैसेज आया है, तो सावधान हो जाइए। साइबर ठग अब इनकम टैक्स विभाग के नाम पर लोगों को फर्जी ईमेल भेजकर अपना शिकार बना रहे हैं। PIB Fact Check ने चेतावनी दी है कि इन ईमेल्स में दिए गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही आपका फोन हैक हो सकता है और बैंक खाता खाली हो सकता है।
Pan card
आज के डिजिटल दौर में जहां बैंकिंग और सरकारी काम आसान हुए हैं, वहीं साइबर अपराधियों के हौसले भी बढ़ गए हैं। हाल ही में इनकम टैक्स विभाग के नाम पर एक नया स्कैम (Scam) तेजी से फैल रहा है, जिसे लेकर भारत सरकार की संस्था PIB Fact Check ने देशवासियों को अलर्ट जारी किया है। अगर आपके इनबॉक्स में भी 'e-PAN कार्ड डाउनलोड' करने या पैन कार्ड अपडेट करने से जुड़ा कोई ईमेल आया है, तो उस पर क्लिक करने से पहले यह खबर ध्यान से पढ़ लें। यह आपकी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए बहुत जरूरी है।
कैसे बुना जा रहा है धोखाधड़ी का जाल?
साइबर ठग लोगों को ऐसे ईमेल भेज रहे हैं जो बिल्कुल असली इनकम टैक्स विभाग या NSDL के मेल जैसे दिखते हैं। इन ईमेल्स में लिखा होता है कि आपका e-PAN कार्ड तैयार है या आपके पैन कार्ड में कोई त्रुटि है जिसे तुरंत सुधारने की जरूरत है। मेल के साथ एक पीडीएफ (PDF) फाइल या एक संदिग्ध लिंक दिया जाता है। जैसे ही यूजर इस फाइल को डाउनलोड करता है या लिंक पर क्लिक करता है, उसके फोन या कंप्यूटर में एक 'मैलवेयर' (Malware) यानी वायरस घुस जाता है। यह वायरस आपके फोन का पूरा कंट्रोल हैकर्स को दे देता है, जिससे वे आपके ओटीपी, बैंक डिटेल्स और निजी जानकारी चुरा लेते हैं।
PIB Fact Check का खुलासा
जब इस तरह के कई मामले सामने आए, तो PIB (Press Information Bureau) ने इसकी जांच की। जांच में पाया गया कि ये मेल पूरी तरह से फर्जी हैं और इनकम टैक्स विभाग द्वारा नहीं भेजे गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि विभाग कभी भी इस तरह के असुरक्षित लिंक के जरिए पैन कार्ड डाउनलोड करने का दबाव नहीं बनाता। स्कैमर्स अक्सर सरकारी लोगो (Logo) और आधिकारिक भाषा का इस्तेमाल करते हैं ताकि लोग झांसे में आ जाएं।
पहचान कैसे करें कि मेल फर्जी है?
अक्सर इन फर्जी ईमेल्स की ईमेल आईडी सरकारी नहीं होती। सरकारी ईमेल आईडी हमेशा '.gov.in' पर खत्म होती है। अगर मेल किसी निजी आईडी या अजीब से दिखने वाले डोमेन से आया है, तो समझ लीजिए कि यह खतरा है। इसके अलावा, इन ईमेल्स में अक्सर स्पेलिंग की गलतियां होती हैं और वे 'अर्जेंट' (Urgent) या 'पेनल्टी' (Penalty) जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर आपको डराने की कोशिश करते हैं।
क्या करें और क्या न करें?
अगर आपको ऐसा कोई संदिग्ध मेल मिलता है, तो सबसे पहले उसे बिना खोले डिलीट कर दें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई फाइल डाउनलोड करें। अपना पैन कार्ड हमेशा आधिकारिक वेबसाइट (जैसे कि NSDL या UTITSL) से ही डाउनलोड करें। अपने मोबाइल में एक अच्छा एंटी-वायरस रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का इस्तेमाल करें। अगर आप अनजाने में किसी लिंक पर क्लिक कर चुके हैं, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और साइबर क्राइम की वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।