Delhi Metro QR Code Paper Ticket: दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों की सुविधा के लिए 8 मई से QR Code वाले पेपर टिकट की शुरुआत कर दी है। इस सुविधा के शुरू होने से यात्री अब टोकन और कार्ड के अलावा QR Code आधारित पेपर टिकट खरीदकर भी यात्रा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए डीएमआरसी ने अपने AFC (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट्स और टोकन/कस्टमर केयर काउंटरों को QR आधारित पेपर टिकटों को सपोर्ट करने के लिए अपग्रेड भी कर दिया है।
जल्द ही शुरू होगा मोबाइल बेस्ड QR Code टिकट सिस्टम
शुरुआत में, QR कोड आधारित पेपर टिकट द्वारा यात्रा के लिए सभी स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट के लिए दो AFC गेटों को अपग्रेड किया गया है। इस महीने के आखिर तक, मोबाइल बेस्ड QR टिकट को भी शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे यात्रियों का सफर और ज्यादा आसान हो जाएगा। QR टिकट से यात्रियों को समय की भी बचत होगी क्योंकि इससे यात्रियों को स्टेशनों पर टिकट काउंटर से टोकन खरीदने या कार्ड रिचार्ज कराने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
QR कोड बेस्ड पेपर टिकट के नियम
1. यात्री केवल उसी स्टेशन से प्रवेश कर सकेंगे जहां से QR आधारित पेपर टिकट (नॉन-रिफंडेबल) जारी किया गया है। जारी करने वाले स्टेशन के अलावा अन्य किसी भी स्टेशन से एंट्री नहीं होगी।
2. यात्री QR कोड आधारित पेपर टिकट जारी होने के 60 मिनट के अंदर ही मेट्रो सिस्टम में एंट्री कर सकेंगे, उसके बाद टिकट अमान्य हो जाएगा। टिकट अमान्य होने पर किसी भी तरह का कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
3. वर्तमान में QR आधारित पेपर टिकट केवल स्टेशनों के अनुसार यानी एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के लिए ही जारी किया जाएगा।
4. यदि कोई यात्री बीच सफर में ही किसी स्टेशन से बाहर निकलना चाहता है तो AFC गेट नहीं खुलेंगे। इसके लिए कस्टमर केयर ऑपरेटर द्वारा यात्री को फ्री एग्जिट टिकट दिया जाएगा और पुराने QR टिकट को अपने पास जमा कर लिया जाएगा।
5. अगर कोई यात्री अपने गंतव्य स्टेशन से आगे किसी दूसरे स्टेशन से बाहर निकलना चाहता है, तो उसे दोनों स्टेशनों के बीच के किराया अलग से चुकाना होगा।
खत्म हो जाएगा टोकन सिस्टम
इसके अलावा, QR कोड बेस्ड पेपर टिकट जारी करने के लिए टिकट वेंडिंग मशीन (टीवीएम) के अपग्रेडेशन के साथ-साथ इस साल जून के अंत तक नेटवर्क के सभी AFC गेटों को QR कोड फ्रेंडली बनाने के लिए काम चल रहा है। डीएमआरसी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक सिस्टम में पूरी तरह से QR Code बेस्ड टिकट आने के बाद धीरे-धीरे टोकन सिस्टम को खत्म कर दिया जाएगा।
