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Flipkart Cash On Delivery: फ्लिपकार्ट से कैश ऑन डिलीवरी हुआ महंगा, अब आपको देना होगा इतना चार्ज

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  • Updated Nov 1, 2022, 12:04 PM IST

Flipkart Cash On Delivery: फ्लिपकार्ट मोबाइल ऐप और वेबसाइट के मुताबिक अब यूजर को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कैश ऑन डिलीवरी ऑप्शन चुनने पर एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो अगर यूजर ऑनलाइन भुगतान नहीं करना चुनते हैं तो उन्हें एक छोटा सा चार्ज देना होगा।

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फ्लिपकार्ट से कैश ऑन डिलीवरी हुआ महंगा। (File Photo)

Photo : BCCL

Flipkart Cash On Delivery: फेमस शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने अपने कैश ऑन डिलीवरी (Cash On Delivery) ऑर्डर के लिए हैंडलिंग चार्ज (Handling Charge) जोड़ना शुरू कर दिया है। दरअसल अब कोई भी यूजर कैश ऑन डिलीवरी पेमेंट (Payment) का ऑप्शन चूज करता है, तो ई-कॉमर्स वेबसाइट अब उससे 5 रुपए का एक छोटा सा चार्ज लेगी।

कैश ऑन डिलीवरी पर फ्लिपकार्ट ले रहा 5 रुपए का चार्ज

फ्लिपकार्ट मोबाइल ऐप और वेबसाइट के मुताबिक अब यूजर को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कैश ऑन डिलीवरी ऑप्शन चुनने पर एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो अगर यूजर ऑनलाइन भुगतान नहीं करना चुनते हैं तो उन्हें एक छोटा सा चार्ज देना होगा।

फ्लिपकार्ट के उपयोगकर्ताओं को वर्तमान में एक खास मूल्य के तहत वस्तुओं पर डिलीवरी चार्ज का भुगतान करना पड़ता है, भले ही वे ऑनलाइन भुगतान करना चुनते हैं या डिलीवरी पर। वहीं अगर किसी ऑर्डर की कीमत 500 रुपए से कम है और ये फ्लिपकार्ट प्लस पर लिस्टेड है तो 40 रुपए डिलीवरी चार्ज जोड़ा जाता है।

500 रुपए से अधिक के ऑर्डर के लिए कोई शिपिंग चार्ज नहीं

हालांकि 500 रुपए से अधिक के ऑर्डर के लिए कोई शिपिंग चार्ज नहीं है। इसके अतिरिक्त फ्लिपकार्ट प्लस ग्राहकों के पास डिलीवरी लागत का भुगतान किए बिना खरीदारी करने का ऑप्शन है। अब कैश ऑन डिलीवरी ऑप्शन चुनने वाले सभी खरीदारों को एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा और इसे सभी के लिए जरूरी रखा गया है।

इस बीच फ्लिपकार्ट ने 2021-22 में 31 फीसदी राजस्व वृद्धि 10,659 करोड़ रुपए दर्ज की, लेकिन बढ़ते परिवहन, विपणन और कानूनी खर्चों के कारण वित्त वर्ष के दौरान इसका शुद्ध घाटा 51 फीसदी बढ़कर 4,362 करोड़ रुपए हो गया। बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर द्वारा एक्सेस किए गए आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2012 में इसका परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2012 में 10,477 करोड़ रुपए हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2011 में यह 7,804 करोड़ रुपए था।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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