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शाम को बिजली का इस्तेमाल हुआ महंगा! 20% तक प्रीमियम लगेगा, बिहार में नया नियम लागू

Bihar Electricity Bill New Rule For Smart Meter Users: बिहार विद्युत नियामक आयोग (BERC) ने 2026-27 टैरिफ आदेश के तहत “टाइम ऑफ डे” (ToD) टैरिफ लागू किया है। खास बात यह है कि कुल बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, बल्कि समय के हिसाब से दरों में बदलाव किया गया है, ताकि बिजली की मांग और सप्लाई में संतुलन बना रहे।

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शाम को बिजली का इस्तेमाल हुआ महंगा! 20% तक प्रीमियम लगेगा, बिहार में नया नियम लागू/photo- canva

पटना: बिहार सरकार ने पिछले साल हुए चुनाव में वादा किया था कि बिहार के लोगों को अब 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त में मिलेगी और चुनाव के बाद सरकार अपना वादा निभा भी रही है, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि बिहार सरकार ने इस 125 यूनिट फ्री बिजली की वसूली करने के लिए प्लानिंग कर ली है।

87 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर यूजर्स को झटका

बिहार में करीब 87 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर (SPM) उपभोक्ताओं के लिए 1 अप्रैल से नया टैरिफ सिस्टम लागू होने जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत शाम के पीक आवर्स में बिजली इस्तेमाल करना महंगा होगा, जबकि दिन में बिजली इस्तेमाल करने पर छूट मिलेगी।

ToD टैरिफ क्या है और क्यों लागू हुआ

बिहार विद्युत नियामक आयोग (BERC) ने 2026-27 टैरिफ आदेश के तहत “टाइम ऑफ डे” (ToD) टैरिफ लागू किया है। खास बात यह है कि कुल बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, बल्कि समय के हिसाब से दरों में बदलाव किया गया है, ताकि बिजली की मांग और सप्लाई में संतुलन बना रहे।

दिन को तीन हिस्सों में बांटा गया

BERC ने दिन को तीन हिस्सों में बांटा है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफ-पीक आवर्स होंगे, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर्स और रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य समय माना जाएगा यानी आपके लिए यही बेहतर होगा कि आप प्रेस, पानी का पंप चलाने का काम या फिर इंडक्शन जैसे हेवी उपकरण का इस्तेमाल दिन में भी करें या फिर शाम को 5 बजे से पहले कर लें।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नई दरें

ग्रामीण और शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय में यानी रात के 11 बजे से सुबह 9 बजे तक 7.42 रुपये प्रति यूनिट की बेस दर पर 20% छूट मिलेगी, जिससे यह घटकर 5.94 रुपये प्रति यूनिट रह जाएगी। वहीं, शाम 5 से 11 बजे के बीच 10% अतिरिक्त शुल्क लगेगा, जिससे दर बढ़कर 8.16 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी। रात के समय सामान्य दर ही लागू रहेगी।

व्यवसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर असर

गैर-घरेलू (NDS) और लो टेंशन इंडस्ट्रियल (LTIS) उपभोक्ताओं को भी दिन में 20% छूट मिलेगी, हालांकि पीक आवर्स में उन्हें 20% तक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। सामान्य समय में सामान्य दरें ही लागू रहेंगी। मतलब सरकार एक तरह छूट दे रही है और दूसरी तरफ से ले रही है।

सोलर ऊर्जा से जुड़ा है फायदा

अधिकारियों के अनुसार, दिन का समय “सोलर आवर्स” होता है, जब सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन ज्यादा होता है और इसकी लागत भी कम होती है। इसलिए लोगों को दिन में ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

8 प्वाइंट्स में समझें नया नियम

  1. रात 11:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक बिजली दर 100% (सामान्य दर) लागू रहेगी।
  2. सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक बिजली दर 80% रहेगी, यानी कम दर पर बिजली मिलेगी।
  3. शाम 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक बिजली दर 120% तक बढ़ जाएगी।
  4. अगर रात 11:00 से सुबह 9:00 के बीच ₹100 की बिजली खपत होती है, तो ₹100 ही देना होगा।
  5. सुबह 9:00 से शाम 5:00 के बीच ₹100 की खपत पर केवल ₹80 देने होंगे।
  6. शाम 5:00 से रात 11:00 के बीच ₹100 की खपत पर ₹120 देने होंगे।
  7. आयोग के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं से ₹100 की खपत पर ₹110 तक लिया जा सकता है।
  8. घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा छोटे-बड़े व्यवसाय और उद्योगों से 120% तक बिजली शुल्क वसूला जाएगा।

मांग और सप्लाई संतुलन की कोशिश

सरकार का कहना है कि दिन में राज्य में बिजली अधिशेष रहती है, जबकि शाम को कमी हो जाती है। ऐसे में यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं को अपने उपयोग के पैटर्न में बदलाव के लिए प्रेरित करेगी। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के पास लगभग 29 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ता हैं, जबकि बाकी करीब 57 लाख उपभोक्ता नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत आते हैं। यह नई व्यवस्था दोनों क्षेत्रों में लागू होगी।

Saket kumar
साकेत कुमारauthor

साकेत कुमार के पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 18 वर्षों का लंबा अनुभव है। वर्तमान में वह Times Now Navbharat के पटना ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं और बिहार की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और ग्राउंड रिपोर्टिंग में गहरी पकड़ रखते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण खबरों को कवर किया है और निष्पक्ष, तथ्यपरक और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। साकेट की रिपोर्टिंग में जमीनी हकीकत, गहन रिसर्च और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है।

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