Diwali Air Fare: दिवाली से ठीक पहले एयरलाइंस ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। विमानन कंपनियों ने फ्लाइट्स के किराये में 8 फीसदी तक की कटौती की है। किराये में कटौती कर एयरलाइंस सीटों को पूरी तरह से भरने की कोशिश में जुटी हैं। दिवाली के त्योहारी सीजन में महंगे टिकटों के खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इसलिए एयरलाइंस ने टिकटों के दाम घटा दिए हैं।
एयरलाइंस के लिए अनोखा साल
गो फर्स्ट के दिवालिया होने और प्रैट एंड व्हिटनी इंजन के मुद्दों के चलते विमान के ग्राउंडिंग के कारण सप्लाई में गिरावट आई। इस बीच मबजूत डिमांड की उम्मीद में टिकटों की प्राइस को घरेलू मार्केट में बढ़ा दिया गया था। लेकिन बावजूद इसके पिछले कुछ दिनों में कई सेल की घोषणा की गई है। जानकारों के अनुसार, यह ऐसा अनोखा साल है, जब त्योहारी सीजन की तिमाही में तीन सेल का ऐलान हुआ है। इससे पता चलता है कि एयरलाइंस ने डिमांड को पूरी तरह से गलत समझा।
मुश्किल में एयरलाइंस उद्योग
हवाई सफर के किराये में कमी ऐसे समय में आई है, जब जब एयरलाइंस जेट ईंधन और हवाई अड्डे के शुल्क सहित उच्च लागत वहन कर रही हैं, जिसे वे पूरा करने में असमर्थ हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिवाली से पहले के सप्ताह में किराया पिछले साल की तुलना में औसतन 6,500 रुपये पर स्थिर रहा है। अक्टूबर-दिसंबर की अवधि पारंपरिक रूप से घरेलू एयरलाइनों के लिए चरम तिमाही होती है, जिसमें दुर्गा पूजा और क्रिसमस जैसे प्रमुख त्योहारों के साथ-साथ नए साल की हवाई यात्रा भी शामिल होती है।
ट्रैफिक में गिरावट
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर के पहले सात दिनों में पिछले महीने की तुलना में ट्रैफिक में 3.5 फीसदी की कमी आई, जबकि एयरलाइंस ने इस अवधि के दौरान 1.2 फीसदी डिपार्चर फ्लाइट्स को जोड़ा है। अगर नवंबर 2019 की तुलना इन आंकड़ों से करें, तो प्रति दिन 24,083 कम यात्री और 152 कम डिपार्चर फ्लाइट्स का ऑपरेट किया गया।
