Savings Account: जब भी आप किसी बैंक में खाता खुलवाते हैं तो बैंक आपसे मांग करता है कि उस खाते में मिनिमम बैलेंस बनाये रखें। ऐसा न करने पर बैंक पैसे काटता है। किसी भी अकाउंट में मिनिमम बैलेंस, उस बैंक और आपके खाते के प्रकार पर निर्भर करता है। इसीलिए अलग अलग बैंकों द्वारा अलग-अलग मिनिमम बैलेंस रखने को कहा जाता है। हाल ही में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई जिसमें बताया गया है कि पिछले 5 साल के दौरान पब्लिक क्षेत्र के बैंकों ने मिनिमम बैलेंस न होने की वजह से ग्राहकों से 8,495 करोड़ रुपये वसूल किये हैं। आइये आपको बताते हैं कि कौन से बैंक द्वारा मिनिमम बैलेंस न रखने पर कितना चार्ज वसूला जाता है।
कितना चार्ज वसूल रहे बैंक
आइये आपको बताते हैं कि देश का कौन सा बैंक मिनिमम बैलेंस न होने पर कितने पैसे वसूलता है।
HDFC बैंक: HDFC बैंक के सेविंग्स अकाउंट में शहरों में 10,000 रुपये तो अर्ध-शहरी जगहों में 5000 रुपये का मिनिमम बैलेंस रखना पड़ता है। अगर यह मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं किया जाता तो बैंक मिनिमम बैलेंस में कमी का 6% या फिर 600 रुपये जितनी रकम मासिक तौर पर पेनल्टी के रूप में वसूल की जाती है। मिनिमम बैलेंस में कम्मी का 6% या फिर 600 रुपये, जो भी छोटी रकम होगी बैंक उसी की कटौती करता है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया: देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI अपनी मिनिमम बैलेंस पेनल्टी की वजह से ट्रोल हो चुका है। इसीलिए साल 2020 से ही बैंक सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न होने पर कोई भी चार्ज नहीं वसूलता है।
ICICI बैंक: ICICI बैंक में सेविंग्स अकाउंट हो तो आपको हर महीने 5000 रुपये का मिनिमम बैलेंस बनाकर रखना पड़ता है। मिनिमम बैलेंस में कमी होने पर बैंक मिनिमम बैलेंस में कमी का 5% + 100 रुपये का चार्ज वसूलता है।
एक्सिस बैंक: एक्सिस बैंक के शहरी अकाउंट में हर महीने 50 रुपये से 600 रुपये तो अर्ध-शहरी इलाकों में 50 रूपए से 300 रुपये जितना मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना पड़ता है। मिनिमम बैलेंस न होने पर बैंक 75 रूपए से 150 रुपये जितना चार्ज वसूल कर सकता है।
पंजाब नेशनल बैंक (PNB): पंजाब नेशनल बैंक, शहरी इलाके में मौजूद अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न होने पर 600 रुपये, अर्ध-शहरी इलाकों में 500 रुपये और ग्रामीण इलाकों में मौजूद अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न होने पर 400 रुपये की पेनल्टी वसूल करता है।
