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FD Vs Mutual Funds: किस तरीके से मिलेगा बेहतर रिटर्न

पैसों को इन्वेस्ट करने के लिए म्यूचुअल फंड्स को काफी आकर्षक ऑप्शन माना जाता है। दूसरी तरफ बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं भी हैं जो इन्वेस्टमेंट का काफी सुरक्षित ऑप्शन तो हैं ही, साथ ही अब अगर आप इनमें इन्वेस्ट करते हैं तो आपको 8% से ज्यादा का जबरदस्त रिटर्न भी प्राप्त होता है। आइये जानते हैं बैंक की FD और म्यूचुअल फंड्स में किस तरीके में इन्वेस्ट करना आपके लिए ज्यादा अच्छा साबित हो सकता है।

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बैंक FD बनाम म्यूचुअल फंड्स, किसमें मिलता है बेहतर रिटर्

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Bank FD Vs Mutual Funds: बात जब पैसों को इन्वेस्ट करने की आती है तो दिमाग सौ दिशाओं में दौड़ने लगता है और ऐसे ऑप्शंस खोजने लगता है जो बेहतर रिटर्न्स प्रदान कर सकें। बेहतर रिटर्न्स के साथ ही हमें रिस्क का ध्यान भी रखना पड़ता है। हमारे मेहनत के पैसे डूब न जाएं इसके लिए सही और कम रिस्क वाले तरीके का चुनाव करना बहुत ही जरूरी होता है। बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) योजनाओं को एक ऐसा ही सेफ और सिक्योर तरीका माना जाता है। दूसरी तरफ म्यूचुअल फंड्स हैं जिनमें रिस्क थोड़ा ज्यादा है लेकिन रिटर्न्स भी शानदार मिलते हैं। आइये इन्वेस्टमेंट के इन दोनों तरीकों के बीच मौजूद फर्क को समझने की कोशिश करते हैं और जानते हैं कि आपको कौन से तरीके में क्या फायदा मिलता है?

बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट योजना

बैंक FD को इन्वेस्टमेंट के सबसे सुरक्षित ऑप्शंस में से एक माना जाता है। बैंक FD में आप एक तय रकम जमा करते हैं और उसपर इंटरेस्ट प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही बैंक FD में समय अवधि भी तय होती है और इस अवधी के पूरा होने से पहले आप अपना पैसा नहीं निकाल सकते वरना आपको बैंक को पेनल्टी देनी पड़ती है। देश में मौजूद विभिन्न बैंक फिलहाल 7 दिनों से 10 सालों वाली FD योजनाओं पर 6.25% से 8% सालाना ब्याज दे रहे हैं। सबसे ज्यादा 8% सालाना ब्याज 365 दिनों से 440 दिनों की अवधी वाली FD योजनाओं पर मिल रहा है। देश के कुछ स्मॉल बैंक ऐसे भी हैं जो आपको FD योजनाओं पर 9% सालाना जितना ब्याज भी दे रहे हैं।

म्यूचुअल फंड्स

अगर आप थोड़ा ज्यादा रिस्क लेकर बेहतर रिटर्न्स प्राप्त करना चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड्स आपके लिए काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकते हैं। म्यूचुअल फंड के माध्यम से आप इक्विटी, फंड, सिक्योरिटीज, बॉन्ड्स में भी इन्वेस्ट कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड में लिक्विडिटी ज्यादा होती है यानी आप कभी भी अपना इन्वेस्ट किया हुआ पैसा निकाल सकते हैं। इसके साथ ही म्यूचुअल फंड्स आपको अलग-अलग बॉन्ड्स, सिक्योरिटीज आदि में इन्वेस्ट करने का ऑप्शन देते हैं और आप रिस्क लेने की अपनी क्षमता और इन्वेस्टमेंट के अनुसार किसी एक विकल्प का चयन कर आकर्षक रिटर्न्स प्राप्त कर सकते हैं। देश में मौजूद कुछ सर्वश्रेष्ठ म्यूचुअल फंड्स ने पिछले पांच सालों के दौरान 27% से 35% रिटर्न्स प्रदान किये हैं।
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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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