पश्चिम बंगाल में नशे के अवैध कारोबार और नशीली दवाओं के खिलाफ राज्य सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जब्त प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप को नष्ट किया। सीएम ने 3 लाख 10 हजार कफ सिरप की बोतलों को खुद रोलर चलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस दौरान उनके साथ कई पुलिस अधिकारी और विधायक भी मौजूद रहे।
पिछले पांच महीनों से अभियान को दी जा रही है प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार पिछले पांच महीनों से 'नशा मुक्त अभियान' को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बंगाल में नशे के खिलाफ चल रही इस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में अब तक दो बार समीक्षा बैठकें भी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "आज 3 लाख 10 हजार बैन कफ सिरप की बोतलें सीज की गई हैं, जिन्हें बुलडोजर और रोलर चलाकर नष्ट किया गया है। आने वाले दिनों में भी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के नेतृत्व में इस तरह के सख्त अभियान लगातार जारी रहेंगे।"
सीजिंग के साथ-साथ युवाओं में जागरूकता पर जोर
बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप पकड़े जाने पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल नशीली दवाओं को जब्त और नष्ट करना ही काफी नहीं है, बल्कि समाज में इसके खिलाफ जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है इसके लिए राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले बालुरघाट में भी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जब्त प्रतिबंधित कफ सिरप की एक बड़ी खेप पर रोलर चलवाकर उसे नष्ट किया था। 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत पश्चिम बंगाल सरकार एक तरफ जहां अवैध नशीली दवाओं पर प्रशासनिक हथौड़ा चला रही है, वहीं दूसरी तरफ युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त के लिए उन्हें जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
