Ayushman Bharat Yojana: केंद्र सरकार आयुष्मान भारत योजना में बड़े बदलाव की तैयारी में है। इस स्कीम को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नाम से भी जाना जाता है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सरकार आयुष्मान भारत के तहत बीमा कवर को दोगुना करने की योजना पर काम कर रही है। फिलहाल सरकार इस स्कीम के जरिए प्रति परिवार को इलाज के लिए पांच लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करती है।
लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
सरकार इस स्कीम के जरिए बीमा कवर को 10 लाख रुपये और महिलाओं के लिए 15 लाख रुपये करने की तैयारी में है। आयुष्मान भारत योजना के तहत प्राइवेट अस्पताल के 4 लाख बिस्तरों को जोड़ने के साथ-साथ लाभार्थियों की संख्या 55 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ करने की तैयारी केंद्र सरकार कर रही है। वर्तमान में, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लगभग 7.22 लाख प्राइवेट अस्पताल में बेड हैं, जिसे मंत्रालय को 2026-27 तक बढ़ाकर 9.32 लाख और 2028-29 तक 11.12 लाख करने की उम्मीद है।
इस योजना पर GoS की रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, सचिवों के समूह (GoS) इस योजना पर अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। अगले पांच वर्षों के लिए लक्ष्य और उनकी उपलब्धि के लिए समयसीमा निर्धारित करने का काम सौंपा गया है। सामाजिक क्षेत्र पर GoS, जिसमें स्वास्थ्य, आयुष, खेल, संस्कृति और शिक्षा सहित नौ मंत्रालय शामिल हैं, द्वारा जल्द ही कैबिनेट सचिव के सामने एक प्रेजेंटेशन देने की उम्मीद है।इतने लोगों ने उठाया है लाभ
30 जून तक इस योजना के तहत 7.37 करोड़ लोगों ने अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करवाया है। पिछले वर्ष के अंत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में कुल आयुष्मान कार्डों में से लगभग 49 फीसदी महिलाएं हैं तथा कुल अधिकृत अस्पताल में भर्ती होने वालों में लगभग 48 फीसदी महिलाएं हैं।
आयुष्मान हेल्थ कार्ड
इस स्कीम का लाभ लेने के लिए आयुष्मान हेल्थ कार्ड बनवाना पड़ता है। आयुष्मान योजना के लिए देश का कोई भी नागरिक आवेदन कर सकता है। सरकार ने इसके लिए 18 साल की उम्र तय की है। अगर आप इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो जरूरी है कि आपका नाम SECC-2011 में होना चाहिए। आवेदन के बाद अगर आप स्कीम के लिए तय पैमाने पर खरे उतरते हैं हेल्थ कार्ड आपको जारी कर दिया जाएगा।
