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आयुष सुरक्षा पोर्टल लॉन्च: अब भ्रामक दावे और दवा के साइड इफेक्ट्स पर होगी सख्त नजर

Ayush Suraksha Portal: केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने नई दिल्ली स्थित आयुष भवन में इस पोर्टल को लॉन्च किया। यह भ्रामक विज्ञापनों और प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया के मुद्दों को संबोधित करने के लिए महत्वपूर्ण है। आयुष सुरक्षा पोर्टल आयुष इकोसिस्टम के भीतर फार्माकोविजिलेंस और विनियामकों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है।

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केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने 'आयुष सुरक्षा पोर्टल' लॉन्च किया। (फोटो-PIB)

Ayush Suraksha Portal: पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण और नियामक निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने शुक्रवार को 'आयुष सुरक्षा पोर्टल' लॉन्च किया। यह गलत सूचनाओं के खिलाफ एक सतर्क निगरानीकर्ता के रूप में काम करेगा।

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने नई दिल्ली स्थित आयुष भवन में इस पोर्टल को लॉन्च किया। यह भ्रामक विज्ञापनों और प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया के मुद्दों को संबोधित करने के लिए महत्वपूर्ण है। जाधव ने कहा, "आयुष सुरक्षा पोर्टल के लॉन्च के साथ, हम नागरिकों और पेशेवरों को आयुष सिस्टम की अखंडता की रक्षा में सक्रिय भागीदार बनने के लिए सशक्त बना रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ एक सतर्क निगरानी के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि केवल सुरक्षित और विश्वसनीय उत्पाद ही लोगों तक पहुंचें।"

आयुष सुरक्षा पोर्टल आयुष इकोसिस्टम के भीतर फार्माकोविजिलेंस और विनियामकों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है। यह आयुष मंत्रालय को रिपोर्ट किए गए मामलों के एक केंद्रीकृत और सुलभ डैशबोर्ड के साथ सहायता करेगा, जिससे वास्तविक समय पर ट्रैकिंग, त्वरित नियामक कार्रवाई और विस्तृत डेटा विश्लेषण संभव होगा।

केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद (सीसीआरएस) के तकनीकी सहयोग से विकसित और राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम के साथ संरेखित, यह पोर्टल उपभोक्ताओं, स्वास्थ्य पेशेवरों और नियामक अधिकारियों को एक सहज डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से भ्रामक विज्ञापनों और प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की रिपोर्ट करने और निगरानी करने की अनुमति देता है।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, "राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरणों, राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस केंद्रों और प्रमुख नियामक हितधारकों के डेटा को एकीकृत करके, पोर्टल भ्रामक विज्ञापनों और प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं पर वास्तविक समय की निगरानी, व्यवस्थित विश्लेषण और समन्वित कार्रवाई की सुविधा प्रदान करता है। हमने इसे जनता के लिए सुलभ बनाया है ताकि कोई भी नागरिक सीधे पोर्टल के माध्यम से भ्रामक विज्ञापनों या प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया की रिपोर्ट कर सके।"

आयुष सुरक्षा पोर्टल को रिट याचिका (सिविल) संख्या 645/2022 में सुप्रीम कोर्ट के 30 जुलाई 2024 के आदेश के अनुसार विकसित किया गया है। इसमें कोर्ट ने भ्रामक विज्ञापनों और प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया से संबंधित डेटा की निगरानी और प्रकाशन के लिए एक केंद्रीकृत डैशबोर्ड की आवश्यकता पर जोर दिया था।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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