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LPG संकट के बीच सरकार ने खोला GOBARdhan पोर्टल, बायो गैस प्लांट के लिए ऐसे करें आवेदन

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बायोमास एग्रीगेशन मशीनरी (BAM) पोर्टल को शुरू कर दिया है। सरकार के इस पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी।

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LPG संकट के बीच सरकार ने खोला GOBARdhan पोर्टल, बायो गैस प्लांट के लिए ऐसे करें आवेदन

अमेरिका-ईरान जंग के कारण भारत समेत कई देशों में तेल और एलपीजी गैस की किल्लत हो रही है, हालांकि भारत सरकार हर हाल में लोगों तक एलपीजी पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इसी बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बायोमास एग्रीगेशन मशीनरी (BAM) पोर्टल को शुरू कर दिया है। इस पोर्टल के जरिए कोई भी बायोगैस (गोबर गैस) प्लांट के लिए आवेदन कर सकता है। इस पोर्टल का मकसद कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादकों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

आवेदन प्रक्रिया शुरू, सीमित समय

सरकार ने इस पोर्टल के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक निर्धारित की है यानी इच्छुक आवेदकों के पास अब केवल 23 दिन का समय है, जिसमें वे इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह योजना खासतौर पर CBG प्रोड्यूसर्स के लिए बनाई गई है। जो लोग बायोगैस उत्पादन से जुड़े हैं, वे इस पोर्टल के जरिए बायोमास एग्रीगेशन मशीनरी खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। BAM का मुख्य उद्देश्य बायोमास के संग्रह और प्रोसेसिंग को आसान बनाना है। इससे न सिर्फ उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि किसानों और ऊर्जा सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

कैसे करें आवेदन?

आवेदन करने के लिए इच्छुक उम्मीदवार सीधे वेबसाइट bam.eil.co.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा, आवेदकों को GOBARdhan Scheme के यूनिफाइड रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर भी रजिस्टर होना जरूरी है, तभी वे इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। एक बात आपको बताते चले कि यदि आप इस योजना से जुड़ते हैं तो आपको 5 साल का एग्रीमेंट करना होगा।

क्या है गोबर्धन योजना?

बता दें कि गोवर्धन (GOBAR-DHAN) योजना फरवरी 2018 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य पशुओं के गोबर और कृषि अपशिष्ट का प्रबंधन कर उन्हें बायोगैस, कंप्रेस्ड बायो-सीएनजी और जैविक खाद में बदलना है। यह योजना ग्रामीण स्वच्छता को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए 50% तक सब्सिडी प्रदान करती है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेय author

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

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