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कहीं धोखा न हो जाए! खरीदने से पहले UP में प्लॉट की रजिस्ट्री जरूर चेक करें? जानें आसान ऑनलाइन तरीका

प्लॉट खरीदने से पहले उसकी रजिस्ट्री और रिकॉर्ड चेक करना धोखाधड़ी से बचने का सबसे बड़ा उपाय है। इससे आप जान पाएंगे कि जमीन पर कोई विवाद तो नहीं और विक्रेता ही उसका असली मालिक है या नहीं।

प्लॉट की बिक्री

प्लॉट की बिक्री

अगर आप उत्तर प्रदेश के किसी शहर में प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। हम आपको बता रहे हैं कि जिस व्यक्ति से वह प्लॉट खरीद रहे हैं, उसके पास मालिकाना हक है या नहीं, आप घर बैठे ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए अब आपको उस प्लॉट का खसरा नंबर, खतौनी नंबर या गाटा नंबर पता होना चाहिए। आप यूपी सरकार की वेसाइट से प्लॉट की पूरी जानकारी ले सकते हैं। ऐसा कर आप बाद में फर्जीवाड़े से बच सकते हैं। हाल के दिनों में बहुत सारे लोगों को प्लॉट खरीदने के बाद धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा है। तो आइए जानते हैं कि आप कैसे चेक कर सकते हैं।

इस तरह कर सकते हैं चेक

उत्तर प्रदेश में घर, प्लॉट या फ्लैट की जानकारी आप UP Bhulekh Portal पर जाकर ले सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों को फॉलो करें:

  • चरण 1: सबसे पहले UP Bhulekh Portal (https://upbhulekh.gov.in/) पर जाएं और खतौनी (Land Records) का विकल्प चुनें।
  • चरण 2: अब अपना जिला (District), तहसील (Tehsil) और गांव/शहर का नाम चुनें।
  • चरण 3: इसके बाद जमीन का खसरा नंबर (Khasra Number) दर्ज करें।
कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी आ जाएगी।

ध्यान दें, खसरा नंबर किसी भी जमीन का यूनिक आईडी (Unique ID) होता है। इसके आधार पर ही सरकारी रिकॉर्ड से जमीन की पूरी डिटेल सामने आती है। अगर आपके पास सही खसरा नंबर नहीं है तो आप ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं देख पाएंगे। इसलिए, जमीन खरीदने से पहले विक्रेता से उसका खसरा नंबर जरूर मांगें और उसी से जांच करें।

सावधानी क्यों जरूरी है?

प्लॉट खरीदने से पहले उसकी रजिस्ट्री और रिकॉर्ड चेक करना धोखाधड़ी से बचने का सबसे बड़ा उपाय है। इससे आप जान पाएंगे कि जमीन पर कोई विवाद तो नहीं और विक्रेता ही उसका असली मालिक है या नहीं।

रजिस्ट्री क्या होती है?

रजिस्ट्री किसी संपत्ति या प्लॉट की आधिकारिक पहचान और कानूनी स्वीकृति होती है। जब किसी जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराई जाती है, तो वह संपत्ति सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाती है। इससे यह प्रमाणित होता है कि संबंधित व्यक्ति ही उस संपत्ति का वैध मालिक है। रजिस्ट्री दस्तावेज़ में मालिक का नाम, प्लॉट की सीमाएं, क्षेत्रफल और अन्य जरूरी विवरण दर्ज रहते हैं, जो भविष्य में स्वामित्व का मजबूत प्रमाण बनते हैं।

रजिस्ट्री चेक करना क्यों जरूरी है?

  • कानूनी सुरक्षा: रजिस्ट्री की जांच से यह सुनिश्चित होता है कि संपत्ति वैध है।
  • विवाद से बचाव: पहले से किसी विवाद या दावे की संभावना को कम करता है।
  • मालिकाना सत्यापन: इससे संपत्ति के असली मालिक और दस्तावेज़ों की सच्चाई की पुष्टि होती है।
  • इसलिए संपत्ति खरीदने से पहले रजिस्ट्री की जांच करना बेहद जरूरी होता है।
आलोक कुमार
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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