किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या खेत की उर्वरता और मिट्टी की जांच रहती है लेकिन अब एक मोबाइल ऐप के जरिए आप सीधे खेत में खड़े होकर जान सकते हैं कि आपके खेत की मिट्टी कैसी है और उसमें कितना खाद देने की जरूरत है। अब किसान अपने खेत की तस्वीर अपलोड करके ही मिट्टी की स्थिति और उसकी गुणवत्ता के बारे में जरूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे। यह सुविधा ‘Soil Mobile App- e-Farms’ के जरिए उपलब्ध कराई गई है, जिसकी जानकारी मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ के दौरान दी गई।
बड़े नेताओं की मौजूदगी में लॉन्च
इस खास मौके पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित रहे। शिवराज सिंह ने इस ऐप को लेकर कहा है कि इस एक ऐप से ही किसान की सबसे बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा।
एक फोटो से समझें मिट्टी की स्थिति
इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता है। किसान बिना किसी तकनीकी झंझट के अपने खेत की फोटो अपलोड कर सकते हैं और तुरंत यह जान सकते हैं कि उनकी मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्वों की कमी है। इसके आधार पर उन्हें सही खाद और उर्वरकों के इस्तेमाल की सटीक सलाह मिलेगी, जिससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ICAR-IISS द्वारा विकसित तकनीक
‘e-Farms’ ऐप को ICAR-IISS, भोपाल ने तैयार किया है। इसमें खासतौर पर मध्य प्रदेश के डेटा का इस्तेमाल किया गया है, जिससे किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सटीक और उपयोगी जानकारी मिल सके। यह तकनीक किसानों को आधुनिक खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। देश के सभी राज्यों के किसानों के लिए इस तरह का ऐप कब लॉन्च होगा, इसके बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। ‘Soil Mobile App- e-Farms’ को हमने गूगल प्ले-स्टोर पर सर्च किया तो यह ऐप नहीं मिला।
डिजिटल खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
यह ऐप किसानों के लिए एक स्मार्ट टूल साबित हो सकता है, जिससे वे सही समय पर सही निर्णय ले सकेंगे। डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
