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AC Blast का असली कारण क्या है? कहीं गलत गैस ही वजह तो नहीं? आपके एसी में कौन-सी गैस डलेगी, ऐसे चेक करें

AC Blast kyu Hota hai, ऐसी ब्लास्ट के कारण: AC में ब्लास्ट की खबरें हर दिन सामने आ रही हैं, लेकिन कोई यह नहीं बता रहा है कि आखिर एसी में आग क्यों लग रही है। अब दावा किया जा रहा है कि गलत गैस के कारण एसी में ब्लास्ट हो सकता है।

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AC Blast का असली कारण क्या है? गलत गैस से लेकर शॉर्ट सर्किट तक जानें पूरी वजह

गर्मी के मौसम में एसी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है, लेकिन इसी दौरान एसी में आग लगने या ब्लास्ट जैसी घटनाओं की खबरें भी सामने आती हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या एसी में इस्तेमाल होने वाली गलत गैस इसकी वजह बन सकती है? विशेषज्ञों के अनुसार, एसी में गैस से जुड़ी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है, लेकिन ब्लास्ट के पीछे केवल गैस ही एकमात्र कारण नहीं होती।

गलत गैस भरने से बढ़ सकता है खतरा

एयर कंडीशनर में एक खास प्रकार की रेफ्रिजरेंट गैस का इस्तेमाल किया जाता है। अलग-अलग एसी मॉडल में अलग-अलग गैस का उपयोग होता है, जैसे R32, R410A आदि। अगर एसी में कंपनी द्वारा बताई गई गैस की जगह कोई दूसरी गैस भर दी जाती है या गलत तरीके से गैस रिफिल की जाती है, तो सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है। ज्यादा दबाव बनने से एसी के कंप्रेसर पर असर पड़ सकता है और खराबी आने की संभावना बढ़ जाती है।

क्या गैस से सीधे होता है ब्लास्ट?

आमतौर पर एसी में गैस अपने आप ब्लास्ट का कारण नहीं बनती। एसी ब्लास्ट या आग लगने की घटनाओं में कई कारण शामिल हो सकते हैं। इनमें शॉर्ट सर्किट, खराब वायरिंग, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, कंप्रेसर का ओवरहीट होना और लंबे समय तक एसी की सर्विस न होना शामिल हैं। अगर गैस लीक हो जाए और उसके संपर्क में चिंगारी या ज्यादा गर्मी आ जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

नकली या गलत तरीके से गैस भरने से बचें

कई बार लोग पैसे बचाने के लिए किसी भी मैकेनिक से एसी में गैस भरवा लेते हैं। यह लापरवाही नुकसानदायक हो सकती है। गलत गैस, कम या ज्यादा मात्रा में गैस भरना और बिना जांच के एसी चलाना मशीन की लाइफ को कम कर सकता है। हमेशा अधिकृत सर्विस सेंटर या अनुभवी तकनीशियन से ही एसी की सर्विस और गैस रिफिल करवानी चाहिए।

एसी को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

एसी की समय-समय पर सर्विस करवाएं और फिल्टर को साफ रखें। बिजली के कनेक्शन, वायरिंग और प्लग की जांच करते रहें। अगर एसी से अजीब आवाज आ रही है, जलने की गंध आ रही है या कूलिंग कम हो गई है तो उसे तुरंत बंद करके जांच करवाएं।

एसी में कौन-कौन सी गैस का इस्तेमाल होता है?

एसी में कौन-कौन सी गैस का इस्तेमाल होता है?

एसी में कौन-कौन सी गैस का इस्तेमाल होता है?

  • R32 गैस- आधुनिक एसी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली गैसों में से एक है। यह ऊर्जा की बचत करने वाली और पर्यावरण के लिए बेहतर मानी जाती है।
  • R410A गैस- कई इनवर्टर एसी में इसका इस्तेमाल किया गया है। यह R22 की तुलना में ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
कुछ नए और एडवांस एसी मॉडल में अन्य रेफ्रिजरेंट गैस का भी इस्तेमाल किया जाता है।

आपके एसी में कौन-सी गैस डलेगी, कैसे पता चलेगा?

एसी की सही सर्विसिंग और बेहतर कूलिंग के लिए यह जानना जरूरी है कि उसमें कौन-सी रेफ्रिजरेंट गैस इस्तेमाल की गई है। सही गैस की जानकारी होने से गैस भरवाते समय गलती से बचा जा सकता है और एसी का गैस प्रेशर भी सही रखा जा सकता है।

  • आउटडोर यूनिट के लेबल को चेक करें- एसी की आउटडोर यूनिट पर लगे स्टिकर या लेबल में रेफ्रिजरेंट गैस की जानकारी दी होती है। यह लेबल आमतौर पर कंप्रेसर वाले हिस्से या सर्विस पैनल के पास लगा होता है। यहां आपको पता चल जाएगा कि आपके एसी में R32, R410A या कोई दूसरी गैस इस्तेमाल हुई है।
  • इंडोर यूनिट पर देखें स्टिकर- स्प्लिट एसी में कई बार इंडोर यूनिट के अंदर भी गैस की जानकारी दी होती है। यह स्टिकर फ्लैप के अंदर या कॉइल वाले हिस्से के पास मिल सकता है। इसमें एसी मॉडल और इस्तेमाल होने वाली गैस की जानकारी लिखी होती है।
  • इंस्टॉलेशन पेपर चेक करें- जब एसी लगाया जाता है तो टेक्नीशियन की तरफ से इंस्टॉलेशन डॉक्यूमेंट दिया जाता है। इसमें एसी की गैस का प्रकार, गैस चार्ज की मात्रा और जरूरी प्रेशर से जुड़ी जानकारी मौजूद हो सकती है।
  • यूजर मैनुअल में मिलेगी जानकारी- हर एसी के साथ मिलने वाले यूजर मैनुअल में स्पेसिफिकेशन पेज होता है। इसमें कंपनी द्वारा बताई गई रेफ्रिजरेंट गैस की जानकारी साफ तौर पर दी जाती है।
  • कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से पता करें- अगर आपके पास एसी के पेपर या मैनुअल नहीं हैं, तो आप अपने एसी का मॉडल नंबर देखकर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी हासिल कर सकते हैं। मॉडल नंबर डालने पर एसी के फीचर्स और इस्तेमाल होने वाली गैस की डिटेल मिल सकती है।
Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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