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डिजिटल इंडिया की बड़ी कामयाबी, आधार ऑथेंटिकेशन ने पार किया 150 अरब ट्रांजेक्शन का आंकड़ा

Aadhaar authentication: इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने कहा कि 30 अप्रैल तक ई-केवाईसी ट्रांजैक्शन की संचयी संख्या 2,393 करोड़ को पार कर गई है। मंत्रालय ने कहा कि यह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और व्यापक आधार इकोसिस्टम की यात्रा में एक मील का पत्थर है।

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Aadhaar Card

Aadhaar authentication: केंद्र सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि आधार ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन की कुल संख्या 150 बिलियन (15,011.82 करोड़) के आंकड़े को पार कर गई है, जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अलावा, अप्रैल के दौरान किए गए ई-केवाईसी ट्रांजैक्शन 37.3 करोड़ रहे, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के ई-केवाईसी ट्रांजैक्शन से 39.7 प्रतिशत अधिक है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने कहा कि 30 अप्रैल तक ई-केवाईसी ट्रांजैक्शन की संचयी संख्या 2,393 करोड़ को पार कर गई है। मंत्रालय ने कहा कि यह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और व्यापक आधार इकोसिस्टम की यात्रा में एक मील का पत्थर है। आधार-आधारित प्रमाणीकरण जीवन को आसान बनाने, प्रभावी कल्याण वितरण और सेवा प्रदाताओं द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का स्वैच्छिक रूप से लाभ उठाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मंत्रालय ने बताया कि अकेले अप्रैल में लगभग 210 करोड़ आधार प्रमाणीकरण ट्रांजैक्शन किए गए, जो 2024 में इसी महीने की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। आधार ई-केवाईसी सेवा बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवाओं सहित क्षेत्रों में ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने और व्यापार करने में आसानी लाने के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

यूआईडीएआई द्वारा इन-हाउस विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-मशीन लर्निंग-आधारित आधार फेस प्रमाणीकरण समाधान लगातार लोकप्रिय हो रहे हैं। अप्रैल में, लगभग 14 करोड़ ऐसे ट्रांजैक्शन हुए, जो इस प्रमाणीकरण पद्धति को अपनाने और आधार संख्या धारकों को सहज रूप से लाभ पहुंचाने का संकेत देते हैं। मंत्रालय ने कहा कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में 100 से अधिक संस्थाएं लाभ और सेवाओं के सुचारू वितरण के लिए फेस प्रमाणीकरण का उपयोग कर रही हैं।

आधार डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक सशक्त माध्यम रहा है, और इसे अपनाने की बढ़ती संख्या बैंकिंग, वित्त, दूरसंचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं के तहत लाभों के सुचारू वितरण के लिए भी इसका उपयोग किया जा रहा है। 21 अप्रैल को, यूआईडीएआई को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री पुरस्कार मिला। यह यूआईडीएआई के फेस ऑथेंटिकेशन मोडेलिटी के लिए इनोवेशन केटेगरी के अंतर्गत प्रदान किया गया।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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