Election Commission Row: देश में चुनाव आयोग और मतदान प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता और एंटी-इनकम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर) पर उठाए गए सवालों के बाद बीजेपी ने उन पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के राजनीतिक अनुभव पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका राजनीतिक ज्ञान 'शून्य' है।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी का दावा था कि दो चुनाव आयुक्तों ने खुद प्रक्रियागत गड़बड़ियों और वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) पर दर्जनों बार आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि भारत के राजनीतिक इतिहास में हर सरकार को एंटी-इनकम्बेंसी का सामना करना पड़ता है, लेकिन बीजेपी के सत्ता में आते ही यह लहर अचानक गायब हो जाती है। उन्होंने इसकी तुलना इराक और उत्तर कोरिया जैसी व्यवस्थाओं से कर दी।
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कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी करना बेहद कठिन-सुधांशु त्रिवेदी
राहुल गांधी के इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी खुद को 50 सालों से राजनीति समझने वाला बताते हैं, जबकि उनकी कुल उम्र ही 56 वर्ष है। बीजेपी नेता ने कहा कि जब से देश में पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया, सीसीटीवी कैमरे और स्वतंत्र मीडिया का दौर आया है, तब से कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी करना बेहद कठिन हो गया है।
बिहार में 1990 से कांग्रेस सत्ता से बाहर-बीजेपी
सुधांशु त्रिवेदी ने भारतीय राजनीति का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 1967 से, पश्चिम बंगाल में 1977 से, उत्तर प्रदेश में 1989 से और बिहार में 1990 से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। उस दौर में बीजेपी का अस्तित्व भी इतना मजबूत नहीं था, फिर भी जनता ने कांग्रेस को खारिज कर दिया था। बीजेपी ने स्पष्ट किया कि एंटी-इनकम्बेंसी किसी व्यवस्था का गायब होना नहीं, बल्कि देश की जनता का कांग्रेस के प्रति निरंतर बना हुआ अविश्वास है।
