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भारत की ऐसी अनोखी ट्रेन, जो एक ही समय में 3 स्टेशनों पर होती है मौजूद

Indian Railway Train:कोई भी ट्रेन एक ही समय पर एक ही स्टेशन पर पहुंच सकती है, लेकिन भारत में एक ऐसी ट्रेन भी है जो कि एक ही समय पर तीन अलग-अलग स्टेशन पर मौजूद रहती है।

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भारत की अनोखी ट्रेन, एक ही समय में 3 स्टेशनों पर दिखती है

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक माना जाता है। देशभर में हर दिन हजारों ट्रेनें यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाती हैं। इनमें तेज रफ्तार प्रीमियम ट्रेनों से लेकर लोकल और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।

आमतौर पर कोई भी ट्रेन एक समय में केवल एक स्टेशन पर ही होती है, लेकिन भारतीय रेलवे में एक ऐसी भी ट्रेन है जो अपने लंबे सफर की वजह से एक ही समय में तीन अलग-अलग स्टेशनों पर दिखाई देती है। सुनने में यह बात हैरान करने वाली लग सकती है, लेकिन यह रेलवे की खास संचालन व्यवस्था का हिस्सा है।

लंबी दूरी की ट्रेनों में छिपा है राज

रेलवे की ट्रेनों को उनके सफर और दूरी के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाता है। छोटी दूरी की ट्रेनें कुछ घंटों में यात्रा पूरी कर लेती हैं और एक समय में केवल एक स्टेशन पर मौजूद रहती हैं। वहीं लंबी दूरी की ट्रेनें कई दिनों तक सफर करती हैं, इसलिए उनके अलग-अलग रेक देश के कई हिस्सों में एक साथ चलते रहते हैं।

अगर किसी ट्रेन का सफर दो दिन या उससे अधिक लंबा हो, तो उसके कई रेक एक ही समय में अलग-अलग स्टेशनों पर मौजूद हो सकते हैं। हालांकि तीन अलग-अलग स्टेशनों पर एक साथ दिखाई देने वाली ट्रेन बेहद कम हैं और इसी वजह से यह ट्रेन खास मानी जाती है।

अवध असम एक्सप्रेस की अनोखी कहानी

यह खास ट्रेन है Avadh Assam Express, जिसे भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली रोजाना चलने वाली ट्रेनों में गिना जाता है। यह ट्रेन असम के डिब्रूगढ़ से राजस्थान के लालगढ़ तक सफर करती है। करीब 3,100 किलोमीटर लंबे रूट पर चलने वाली यह ट्रेन पूर्वोत्तर भारत को राजस्थान से जोड़ती है और पाकिस्तान सीमा के नजदीकी इलाकों से भी गुजरती है।

इस ट्रेन का पूरा सफर लगभग चार दिन में पूरा होता है। इतनी लंबी यात्रा को नियमित बनाए रखने के लिए रेलवे को कई रेक की जरूरत पड़ती है। यही वजह है कि एक ही समय में इस ट्रेन के अलग-अलग सेट देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद रहते हैं।

कैसे एक साथ 3 स्टेशनों पर दिखती है ट्रेन?

रेलवे की टाइमिंग व्यवस्था ही इस अनोखे रिकॉर्ड की सबसे बड़ी वजह है। उदाहरण के तौर पर डिब्रूगढ़ से यह ट्रेन सुबह अपने तय समय पर रवाना होती है। उसी समय एक दूसरा रेक बिहार के कटिहार जंक्शन के पास अपने सफर में आगे बढ़ रहा होता है, जबकि तीसरा रेक उत्तर प्रदेश के बरेली स्टेशन के आसपास पहुंच चुका होता है। यानी ट्रेन का नाम और नंबर एक ही होता है, लेकिन उसके अलग-अलग रेक अलग-अलग दिनों की यात्रा पर होते हैं। इसी कारण यह ट्रेन एक साथ तीन स्टेशनों पर दिखाई देती है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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