यूटिलिटी

SIP-Mutual Funds: एक नहीं, चार तरह की होती हैं SIP, म्यूचुअल फंड में करते हैं निवेश तो जान लीजिए

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 20, 2024, 12:26 PM IST

SIP-Mutual Funds: SIP के जरिए निवेशक निर्धारित तारीख पर तय राशि को निवेश करने की अनुमति देता है। लेकिन SIP भी कई तरह की होती हैं। स्टेप-अप एसआईपी निवेशकों को समय-समय पर राशि बढ़ाने की अनुमति देती है। SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

Image

SIP-Mutual Funds

Photo : iStock

SIP-Mutual Funds: म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए आज के समय में सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। SIP के जरिए निवेशक निर्धारित तारीख पर तय राशि को निवेश करने की अनुमति देता है। लेकिन SIP भी कई तरह की होती हैं। SIP की सुविधा ने लोगों को म्यूचुअल फंड में निवेश की तरफ आकर्षित किया है। इससे म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

क्या है रेगुलर SIP

रेगुलर SIP एक साधारण विकल्प है। इसमें, कोई व्यक्ति नियमित अंतराल पर जैसे महीने या तीन महीने पर एक निश्चित राशि का निवेश कर सकता है। रेगुलर एसआईपी उन निवेशकों के लिए मुफीद है जिनकी निवेश क्षमता स्थिर हो और निवेश की अवधि लंबी हो।

स्टेप-अप SIP

स्टेप-अप एसआईपी निवेशकों को समय-समय पर राशि बढ़ाने की अनुमति देती है। यह उन लोगों के लिए मुफीद है, जो समय के साथ अपनी इनकम में बढ़ोतरी की उम्मीद करते हैं या फिर अपने निवेश में तेजी लाना चाहते हैं। एसआईपी की किस्तों को पहले से निर्धारित अंतराल पर बढ़ाया जा सकता है।

फ्लेक्सिबल SIP

फ्लेक्सी SIP निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के अनुसार राशि समायोजित करने की आजादी देती है। SIP की राशि पहले से तय किए गए फॉर्मूले के अनुसार निर्धारित की जाती है, जो निवेशकों को बाजार के कम होने पर अधिक निवेश करने और बाजार के उच्च स्तर पर होने पर राशि कम करने में सक्षम बनाता है।

ट्रिगर एसआईपी क्या है?

ट्रिगर एसआईपी निवेशकों को पहले से निर्धारित ट्रिगर्स के आधार पर एसआईपी किस्त शुरू करने की अनुमति देती है। ये बाजार की स्थितियों, जैसे कि स्पेसिफिक इंडेक्स लेवल या किसी फंड के प्रदर्शन पर आधारित हो सकते हैं। जब ट्रिगर की स्थिति पूरी हो जाती है, तो निवेश अपने आप शुरू हो जाता।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

और पढ़ें
End of Article