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पहाड़ियों का शहर कहलाती है यूपी की ये जगह, घूमने के लिए बहुत कुछ है खास

चित्रकूट केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं है। यहां इको-टूरिज्म की भी अपार संभावनाएं हैं। जिले में स्थित चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। लखनऊ, प्रयागराज, सतना और खजुराहो से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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पहाड़ियों का शहर कहलाता है यूपी का ये शहर (Photo: UP Tourism)

उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और विविधताओं के लिए प्रसिद्ध है। आगरा से अयोध्या तक, उत्तर प्रदेश में एक से एक शानदार जगहें हैं जो सैलानियों को खूब आकर्षित करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूपी में एक ऐसा जिला भी है, जिसे ‘पहाड़ियों का शहर’ कहा जाता है? यह जिला है चित्रकूट।

चित्रकूट न सिर्फ धार्मिक महत्व का केंद्र है, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। यह क्षेत्र विंध्य पर्वतमाला की निचली श्रृंखलाओं से घिरा हुआ है, जिस वजह से इसे पहाड़ियों का शहर कहा जाता है। रामायण काल से जुड़े इस पवित्र स्थल को लेकर मान्यता है कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने 11 वर्षों तक वनवास बिताया था।

चित्रकूट में क्या क्या देखें

चित्रकूट की पहाड़ियां, घने जंगल, झरने और गुफाएं इस क्षेत्र को स्वर्ग जैसा बना देते हैं। यहां की सबसे प्रसिद्ध जगहें हैं — राम घाट, सीता घाट, हनुमान धारा, गुप्त गोदावरी, भरत कुंड, कामदगिरि और स्फटिक शिला। इन स्थानों की प्राकृतिक छटा देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। खासकर मानसून के मौसम में जब पहाड़ियां हरे-भरे जंगलों से ढक जाती हैं, तो यह जगह स्वर्ग से कम नहीं लगती।

कैसे पहुंचे चित्रकूट

चित्रकूट केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं है। यहां इको-टूरिज्म की भी अपार संभावनाएं हैं। जिले में स्थित चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। लखनऊ, प्रयागराज, सतना और खजुराहो से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

चित्रकूट का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

रामायण में वर्णित कई घटनाएं चित्रकूट से जुड़ी हैं। भगवान राम की आज्ञा से भरत ने यहां राजगद्दी पर चरण-पादुका स्थापित की थी। आज भी भरत कुंड पर श्रद्धालु स्नान करते हैं। हनुमान धारा में 365 सीढ़ियां चढ़कर भक्त हनुमान जी के दर्शन करते हैं।

चित्रकूट की पहाड़ियां न सिर्फ रामायण की साक्षी हैं, बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी स्वर्ग हैं। यहां की शांति, स्वच्छ हवा और हरियाली किसी को भी मोहित कर लेती है।

आज चित्रकूट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयास तेज हो गए हैं। सरकार द्वारा सड़कों, होटलों और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम चल रहा है। फिर भी यह क्षेत्र अभी भी अपनी प्राकृतिक और धार्मिक शुद्धता को बनाए रखे हुए है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और रामायण की पावन कथाएं हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। अगर आप प्रकृति और आस्था दोनों का अनुभव करना चाहते हैं, तो चित्रकूट घूमना आपके लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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