Winter Treks Near Delhi: घूमने-फिरने के लिए सर्दियों का मौसम सबसे बढ़िया माना जाता है। ठंडी हवा और बर्फ से ढकी पहाड़ियां सफर को और भी मजेदार बना देती हैं। अगर आप दिल्ली में रहते हैं और कुछ दिनों की छुट्टी लेकर बर्फ देखने, पहाड़ों में घूमने और ट्रेकिंग का मजा लेना चाहते हैं, तो यह बिल्कुल मुमकिन है। दिल्ली से करीब 500 किलोमीटर के अंदर कई ऐसे खूबसूरत हिल स्टेशन और ट्रेकिंग स्पॉट हैं, जहां आपको स्नोफॉल देखने के साथ-साथ विंटर एडवेंचर का पूरा मजा मिलेगा। इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ बेहतरीन जगहों के बारे में बता रहे हैं।
धनोल्टी (उत्तराखंड)
दिल्ली से तकरीबन 290 किलोमीटर की दूरी पर धनोल्टी हिल स्टेशन बसा हुआ है। दिंसबर से जनवरी के बीच पर्यटक यहां बर्फबारी का लुत्फ उठाने और ट्रेकिंग के लिए जा सकते हैं। पाइन के जंगलों, पहाड़ों और शांत वातावरण के लिए धनोल्टी मशहूर है।
धनोल्टी में घूमने की जगहें
पाइन के जंगल: सुकून और ताजगी का अहसास धनोल्टी के चारों ओर फैले पाइन के जंगल में आपको मिल जाएगा।
गुलमोहर पार्क: यहां की खूबसूरत वॉकिंग ट्रेल्स इस जगह को बेहद स्पेशल बनाती है।
डेवी के पॉइंट: हिमालय की चोटियां और नीचे की घाटियों को मंत्रमुग्ध कर देने वाला नजारा देखने के लिए आप डेवी के पॉइंट का रुख कर सकते हैं।

उत्तराखंड का दिल धनोल्टी
दिल्ली से धनोल्टी कैसे पहुंचें
दिल्ली से धनोल्टी की दूरी तकरीबन 290 किलोमीटर है जहां कार या टैक्सी से आप लगभग 8-9 घंटे में पहुंच सकते हैं। अगर आप बस से यात्रा का प्लान कर रहे हैं तो जान लें कि दिल्ली से रुद्रपुर या देहरादून के लिए सरकारी और प्राइवेट बसें आसानी से मिल जाती हैं। वहां पहुंचकर टैक्सी या लोकल बस से धनोल्टी जा सकते हैं।
लैंसडाउन
दिल्ली से तकरीबन 280 किलोमीटर की दूरी पर लैंसडाउन हिल स्टेशन बसा हुआ है जो बर्फबारी के लिए भी प्रसिद्ध है। दिसंबर से जनवरी में लैंसडाउन में बर्फबारी देखी जा सकती है। यात्रा के दौरान बर्फ में वॉक और पहाड़ों की चोटियों से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।
लैंसडाउन में घूमने की जगहें
कैंपटी फॉल्स: छोटे झरने का खूबसूरत स्थान कैंपटी फॉल्स की हरी-भरी पहाड़ियां ट्रेकिंग और वॉक के लिए परफेक्ट है।
भुल्ला ताल: नौका विहार के लिए भुल्ला ताल का रुख कर सकते हैं।
सेंट मैरी चर्च: औपनिवेशिक वास्तुकला का नमूना यह ऐतिहासिक चर्च आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में शामिल हो सकता है।
तारकेश्वर महादेव मंदिर: एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जो आपको सुकून देगा।
ट्रेक्स
केम्पटी फॉल्स ट्रेक (आसान और रोमांचक ट्रेक)
लैंसडाउन-तिहरी विंटर ट्रेक (छोटा लेकिन सुंदर ट्रेक)

लैंसडाउन हिल स्टेशन
दिल्ली से लैंसडाउन कैसे पहुंचें
लैंसडाउन के लिए सीधी ट्रेन या फ्लाइट नहीं है। लैंसडाउन पहुंचने के लिए दिल्ली से कोटद्वार तक आपको ट्रेन/बस द्वारा पहुंचना होता है इसके बाद टैक्सी/शेयरिंग जीप से लैंसडाउन (लगभग 40 किमी) पहुंच सकते हैं। यात्रा में आपको लगभग 6-7 घंटे का समय लग सकता है।
कानाताल
उत्तराखंड में स्थित शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन कानाताल जाने का आप प्लान कर सकते हैं। देहरादून से लगभग 78 किमी दूरी पर स्थित कानाताल हिमालय के शानदार नजारों के साथ ही ट्रेकिंग, कैंपिंग और एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए स्वर्ग है।
कानाताल में घूमने की जगहें
सुरकंडा देवी मंदिर: यह मंदिर एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जहां सर्दियों में ट्रेकिंग करके पहुंचना दिल जीत लेता है।
कोडिया जंगल: ट्रेकिंग के साथ ही अगर जंगल सफारी का शौक रखते हैं तो कोडिया जंगल का रुख कर सकते हैं।
एडवेंचर: कैंपिंग, ट्रेकिंग, और अन्य आउटडोर एक्टिविटीज यहां काफी फेमस हैं।

हिल स्टेशन कानाताल
दिल्ली से कानाताल कैसे पहुंचें
दिल्ली से तकरीबन 320 किलोमीटर की दूरी पर कानाताल स्थित है। दिल्ली से बस या टैक्सी द्वारा देहरादून या ऋषिकेश के रास्ते आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। यात्रा में आपको लगभग 6-7 घंटे का समय लग सकता है।
चकराता
उत्तराखंड में देहरादून के पास स्थित चकराता हिल स्टेशन देवदार के जंगलों, झरने और ट्रेकिंग के लिए मशहूर है। सर्दियों में यहां का माहौल देखते ही बनता है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों में ट्रेकिंग का आनंद लेना किसी रोमांच से कम नहीं है।
चकराता में घूमने की जगहें
टाइगर फॉल्स ट्रेक: चकराता का सबसे प्रसिद्ध झरना टाइगर फॉल्स एडवेंचर के शौकीनों के लिए जन्नत है।
चिरमेरी पीक: यहां से दूर तक बादलों के बीच के नजारे देखे जा सकते हैं।
बुधेर गुफा ट्रेक: इतिहास और रोमांच का संगम यहां आपको देखने को मिल जाएगा।
रामताल गार्डन: सुखद वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए यहां ट्रेक करके जाया जा सकता है।

चकराता हिल स्टेशन
दिल्ली से चकराता कैसे पहुंचें
दिल्ली से चकराता की दूरी लगभग 250-270 किलोमीटर है। दिल्ली से देहरादून के लिए सरकारी और प्राइवेट बसें उपलब्ध हैं। अगर आप ट्रेन से जा रहे हैं तो जान लें कि देहरादून रेलवे स्टेशन इसके निकटतम रेलवे स्टेशन है। देहरादून पहुंचने के बाद चकराता के लिए बस या टैक्सी ली जा सकती है। यात्रा में आपको लगभग 6-7 घंटे का समय लग सकता है।
नारकंडा
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में स्थित नारकंडा खूबसूरत हिल स्टेशन है। सर्दियों के मौसम में भीड़ से दूर प्राकृतिक सुंदरता का मजा लेने के लिए यहां जाया जा सकता है। दिसंबर से फरवरी में जब यहां बर्फबारी होती है तो ये जगह जन्नत में तब्दील हो जाती है।
नारकंडा में घूमने की जगहें
हाटू पीक: हिमालय का मनोरम दृश्य और हाटू माता मंदिर आपको नारकंडा के सबसे ऊंचा बिंदु हाटू पीक से देखने को मिल जाएगा।
तन्नी जुब्बर झील: प्राकृतिक दृश्यों के लिए फेमस तन्नी जुब्बर झील एक शांत और खूबसूरत झील है।
स्टोक्स फार्म : सेब के बागानों के लिए प्रसिद्ध एक ऐतिहासिक स्थल।
जौ-बाग और कचेरी: सुंदर और शांत स्थान है।

नारकंडा हिल स्टेशन
दिल्ली से नारकंडा कैसे पहुंचें
दिल्ली से नारकंडा की दूरी लगभग 290-300 किलोमीटर है। शिमला या सोलन से बस, टैक्सी या अपनी गाड़ी से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। शिमला/सोलन पहुंचने के बाद नारकंडा के लिए आराम से लोकल बस या टैक्सी ली जा सकती है। अगर आप ट्रेन से जाने का प्लान कर रहे हैं तो जान लें कि कालका रेलवे स्टेशन इसके निकटतम रेलवे स्टेशन है। कालका से आप टॉय ट्रेन के माध्यम से नारकंडा पहुंच सकते हैं।
