Valley of Flowers: समर वेकेशन पर खुदको और बच्चों को सरप्राइज देने का आपके पास सुनहरा मौका है। प्रकृति की गोद में बसी उत्तराखंड की मशहूर फूलों की घाटी (Valley of Flowers) 1 जून से एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुलने जा रही है। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित यह विश्व प्रसिद्ध घाटी हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऐसे में आप परिवार और बच्चों के साथ यहां जाने का प्लान कर सकते हैं।
बर्फ और फूलों का अनोखा संगम
इस बार का नजारा आपके लिए और भी ज्यादा खास होने वाला है क्योंकि हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण घाटी के कई हिस्सों में अभी भी बर्फ की सफेद चादर देखने को मिलेगी। वहीं दूसरी ओर रंग-बिरंगे फूल भी खिलने शुरू हो चुके हैं। ऐसे में ये अनोखा नजारा आपको बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए जो किसी जन्नत से कम नहीं है।
फूलों की घाटी कहां स्थित है और कब तक खुली रहती है
फूलों की घाटी हर साल 1 जून को खुलती है और फिर 30 अक्टूबर को बंद होती है। फूलों की घाटी देखने के लिए आपको उत्तराखंड के चमोली जिले में पहुंचना होगा जो लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां का आकर्षण एक खूबसूरत घाटी में खिले रंग-बिरंगे फूल हैं जिनको देखने के लिए प्रकृति प्रेमी दूर दूर से पहुंचते हैं। आप यहां से हिमालय की गौरी पर्वत, रताबन और कुंथ खाल जैसी चोटियों का दीदार कर सकते हैं।
फूलों की घाटी जानें का बेस्ट टाइम क्या है
हिमालय की खूबसूरत चोटियों और झरनों का अलौलिक दीदार करना हो तो जुलाई से सितंबर के बीच यहां जाने का बेस्ट टाइम है। मॉनसून सीजन होने की वजह से ट्रेक उतना आसान नहीं होता, इसलिए पूरी सावधानी बरतकर ही यात्रा का प्लान करें।
क्यों जाएं फूलों की घाटी घूमने
इस घाटी में जाने पर आपको 600 से अधिक प्रजातियों के फूल देखने को मिलते हैं। इनमें हिमालयन ऑर्किड, ब्रह्म कमल, ब्लू पॉपी, कोबरा लिली आदि खास हैं। यहां आप कुछ दुर्लभ वन्य जीवों को भी स्पॉट कर सकते हैं जिनमें स्नो लेपर्ड, कस्तूरी मृग, काला भालू, लाल लोमड़ी आदि शामिल हैं।
Phoolon Ki Ghati Trek Route Details
हरिद्वार या ऋषिकेश से जोशीमठ में गोविंदघाट तक सड़क मार्ग से आपको 255 किमी की यात्रा करनी होगी। आप देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग से जोशीमठ होते हुए गोविंदघाट पहुंचेंगे। इसमें 8-10 घंटे का समय लगेगा। अगला पड़ाव गोविंदघाट से पुलना तक पहुंचना है। यहां आपको स्थानीय वाहन मिलेगा और पहुंचने में 15-20 मिनट का टाइम लगेगा। पुलना से घांघरिया का 9 किमी का ट्रेक असली चैलेंज है। इसे पूरा करने में आपको 4-5 घंटे लगेंगे। हालांकि यहां आपको छोटे होटल मिलेंगे। वहीं कुली और खच्चर की सुविधा भी है। यह रास्ता पुष्पावती नदी के किनारे है और आप पत्थर के पक्के रास्ते से होते हुए जाते हैं। घांघरिया से फूलों की घाटी तक का 4 किमी का है। आना जाना मिलाकर आपको 7-8 घंटे का समय लगेगा।
