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Tosh Himachal Pradesh: डिजिटल डिटॉक्स का लें आनंद, बैग पैक कर निकल जाएं तोश गांव, हिमाचल में छिपा है स्वर्ग

Tosh Village Himachal Pradesh: शहर की चिल्लम-चिल्ली और भागम-भाग भरी लाइफ से अगर आप बोर हो गए हैं और खुदको तरोताजा करने के लिए यात्रा करने का प्लान कर रहे हैं तो आज हम आपको हिमाचल प्रदेश में छिपे एक ऐसे अनोखे गांव की यात्रा पर ले जाएंगे जहां आपको प्रकृति से जुड़ने का मौका मिलेगा और आप डिजिटल डिटॉक्स का आनंद ले सकेंगे।

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Tosh Village Himachal Pradesh

Tosh Himachal Pradesh: भीड़भाड़ से दूर यात्रा के लिए मैं किसी ऐसी जगह की तलाश में था जहां मुझे प्रकृति से जुड़ने का मौका मिले और 2 पल सुकून से मैं पहाड़ों के बीच बिता सकूं। पहाड़ों पर घूमने के लिए अक्सर पर्यटक हिमाचल प्रदेश के फेमस हिल स्टेशन शिमला या फिर मनाली का ही रुख करते हैं। ऐसे में मेरे सामने चुनौती पहाड़ पर छिपे किसी ऐसे अनोखे हिल स्टेशन के तलाश की थी जहां मुझे ज्यादा भीड़ ना मिले और कुछ अलग हटकर अनुभव हो सके। बिना ज्यादा दिमाग पर जोर डाले बैग पैक कर दिल्ली से मैं निकल पड़ा पार्वती घाटी में छिपे खजाने तोश को एक्सप्लोर करने जो कसोल के पास समुद्र तल से 2400 मीटर की ऊंचाई पर बसा एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत गांव है।

यात्रा के लिए मैंने बस का चुनाव किया दिल्ली से तोश तक का सफर अंतहीन लग रहा था। लेकिन, ठंडी पहाड़ी हवा और बर्फ से ढके पहाड़ों के नजारों का उत्साह मेरी प्रतीक्षा कर रहे थे। बस भुंतर में उतर गई भुंतर से कसोल होते हुए बरशैणी तक टैक्सी ली फिर बरशैणी से 3-4 किमी की ट्रेक कर के तोश पहुंचा। कसोल जाने के बारे में तो आप कभी ना कभी तो सोच चुके होंगे लेकिन अगर आप अनोखे अनुभव की तलाश में हैं, तो आपको अपनी बकेट लिस्ट में तोश को शामिल करना चाहिए।

कसोल से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर तोश गांव स्थित है। यह एक ऑफबीट ट्रैवल डेस्टिनेशन है मतलब आपको यहां ज्यादा भीड़भाड़ नहीं दिखेगी। यहां करने को भी ज्यादा कुछ नहीं है ऐसे में आप एक शांतिपूर्ण छुट्टी की कल्पना कर सकते हैं। तोश की सुंदरता और धीमी जिंदगी के आप कुछ ही घंटों में आदी हो जाएंगे।

Tosh Himachal Pradesh

Tosh Himachal Pradesh

सड़क मार्ग से कैसे पहुंचें तोश गांव (How To Reach Tosh By Road)

दिल्ली से तकरीबन 538 किलोमीटर की दूरी पर तोश गांव बसा हुआ है। आप खुद गाड़ी चलाकर भी तोश पहुंच सकते हैं क्योंकि यहां की सड़कें गाड़ी के चलने लायक बेस्ट हैं। बस से अगर आप ट्रैवल करना चाहते हैं तो फिर कश्मीरी गेट से भुंतर तक HRTC की बस ले सकते हैं। भुंतर से आप या तो सीधे तोश के लिए टैक्सी ले सकते हैं या फिर बरशैणी के लिए एक स्थानीय बस ले सकते हैं जो आपको सस्ता पड़ेगा। बरशैणी पहुंचने के बाद तोश पहुंचने के लिए आपको लगभग आधे घंटे तक पहाड़ी पर चढ़ना होगा।

तोश के लिए यात्रा कार्यक्रम (Day Itinerary for Tosh)

  • सुबह बस/कैब से भुंतर → कसोल → बरशैणी
  • बरशैणी से 1.5–2 घंटे का ट्रेक करके तोश पहुंचना
  • शाम को लोकल कैफे में डिनर और आराम
Tosh Village Guide

Tosh Village Guide

तोश में कहां ठहरें (Where To Stay in Tosh)

तोश एक छोटा सा गांव है जहां आपको ठहरने के लिए कुछ शानदार गेस्टहाउस और हॉस्टल मिल जाएंगे। मैंने व्हूपर्स हॉस्टल का चुनाव किया था जहां खिड़की के बाहर से मुझे बर्फ से ढकी चोटियों के नजारे स्पष्ट नजर आ रहे थे। यहां होमस्टे में आपको प्रति रात 400-500 रुपये के बीच खर्च करने पड़ सकते हैं। गांव वालों द्वारा चलाए जा रहे पारंपरिक होमस्टे में स्टे का ऑपशन भी आप चुन सकते हैं। कुल मिलाकर यहां ठहरने की सभी जगहें बहुत ही साधारण हैं साज-सज्जा बहुत कम है लेकिन मजा आपको मारक मिलेगा इस बात की पूरी गारंटी है।

where to stay in Tosh

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तोश में क्या करें (Things To Do in Tosh)

जब मैं पहले दिन तोश पहुंचा तो एहसास हो गया कि यहां करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। यह अपने आप में एक छोटी सी अलग दुनिया की तरह लग रहा था। फिर भी इस अछूती और शांत जगह ने मेरा मन मोह लिया। यहां कुछ शानदार कैफे हैं, कुछ किराने की दुकानें हैं और कई खूबसूरत लोग हैं जो गर्मजोशी के साथ आपका स्वागत करते हैं। तोश गांव पहुंचने के बाद अच्छी चाय की तलाश में मैं अपने हॉस्टल से निकल पड़ा। कुछ ही कदम चलने के बाद मेरी तलाश पूरी हुई और शानदार कैफे में बैठकर मैंने चाय की चुस्की ली। मेरी तरह आप भी पिंक प्लॉयड कैफे का रुख कर सकते हैं ये आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेगा। खैर, हमने आपको बताया था कि तोश एक गांव छोटा गांव है ऐसे में आप एक छोर से दूसरे छोर तक करीब 20 मिनट में पैदल ही जा सकते हैं।

रात के समय यहां नजारा देखने लायक होता है। विशाल बर्फ के पहाड़ सितारों से भरा आसमान बेहद आकर्षक लगते हैं। घंटों तक बैठकर आप उनकी खूबसूरती को निहार सकते हैं। गौर करने वाली बात ये है कि रात के समय भी जब यहां घना अंधेरा होता है तब भी पहाड़ों की बर्फ स्पष्ट रूप से चमकती हुई नजर आती है। रात के नजारे को देखकर आपको ऐसा लग सकता है कि मानो आप किसी दूसरे ग्रह पर आ गए हों।

things to do in tosh

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तोश वैली फूड गाइड (Tosh Valley Food Guide)

जब तक आपका पेट भर ना जाए, तब तक खाएं और फिर से खाएं इस नियम के साथ आप यात्रा कर सकते हैं। यहां का खाना आश्चर्यजनक रूप से आपका दिन बना देगा। तोश में केवल मुट्ठी भर कैफे हैं, लेकिन वे सभी विविधता के साथ बेहद स्वादिष्ट भोजन परोसते हैं। मेन्यू में मुख्य रूप से आपको इजराइली या फिर इटालियन भोजन ही दिखेगा। कुछ अलग हटकर करने की कोशिश में मैनें भी इजराइली फूड ऑर्डर किया हालांकि, हिमाचली भोजन की कमी के कारण थोड़ी सी निराशा हुई लेकिन फिर भी, खाने का स्वाद लजीज था। तोश में आपको हर कोई खुलेआम भांग पीता हुआ मिल जाएगा। दरअसल यहां जंगली रूप से हर जगह भांग का पौधा उगता है। इसके अलावा कुछ मीठा खाने के लिए आप जर्मन बेकरी का रुख कर सकते हैं यहां अद्भुत मिठाइयों का स्वाद आपका दिन बना देंगे।

Tosh Food Guide

Tosh Food Guide

ट्रेक जो तोश से होते हैं शुरू (Treks originate from Tosh)

एक या दो दिन तोश में आराम करने के बाद आप इसके आगे ट्रेक पर निकल सकते हैं क्योंकि कुछ ट्रेक तोश से ही शुरू होते हैं। यहां से आप कुटला, खीरगंगा या कलगा और पुलगा के आस-पास के गांवों की ओर जा सकते हैं। मैंने कुटला तक ट्रेक करने का फैसला किया और यह बेहद आकर्षक था। कुटला पहुंचने में मुझे डेढ़ घंटा लगा लेकिन घने जंगलों में बिताया गया हर मिनट शानदार था। हवा में पत्तियों की खुशबू और बारिश के बाद की मीठी महक यात्रा के दौरान आप महसूस कर सकते हैं।

तोश एक्सप्लोरेशन और आसपास का ट्रेकिंग (Tosh Exploration and Trekking)

Tosh Explore

Tosh Explore

  • सुबह पार्वती नदी किनारे वॉक
  • दोपहर में कैफे इजराइली और इटालियन भोजन
  • इच्छानुसार छोटा ट्रेक: जैसे कुटला गांव

यात्रा टिप्स (Tosh Travel Tips)

मार्च-अप्रैल या फिर सितंबर-अक्टूबर के बीच यात्रा करने का प्लान करें। ऑफ सीजन में यात्रा करने का फायदा ये होता है कि तब आपको भीड़ कम मिलेगी ऐसे में आप ज्यादा अच्छा टाइम यहां बिता सकेंगे। गर्म कपड़े साथ रखना बिल्कुल भी मत भूलें क्योंकि यहां रातें हद से ज्यादा ठंडी हो सकती हैं।

अगर आप पूछेंगे कि तोश में क्या करना है? इसका सीधा सरल जवाब ये है कि यहां अच्छा खाओ, गांव घूमो, जब तक भूख ना लगे तब तक टहलो और फिर आसपास के बेहतरीन खाने का लुत्फ उठाओ। गांव के लोगों से मिलों उनके साथ क्रिकेट खेलो कैफे में चिलआउट करो और प्रकृति की गोद में शानदार रात व्यतीत करो। लोकल लाइफस्टाइल जैसे हिमाचली लकड़ी के घर और गांव का शांत माहौल आपका दिन बना देंगे।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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